जयपुर: नीरजा मोदी स्कूल से 4th फ्लोर से कूदी 6वीं कक्षा की छात्रा अमायरा की दर्दनाक मौत, स्कूल प्रबंधन पर सबूत मिटाने का आरोप

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 6ठी कक्षा की छात्रा अमायरा ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली; पसलियां टूटने से मौके पर मौत, स्कूल प्रबंधन पर खून के धब्बे मिटाने व सबूत नष्ट करने का आरोप, पुलिस जांच जारी।

Nov 1, 2025 - 17:31
जयपुर: नीरजा मोदी स्कूल से 4th फ्लोर से कूदी 6वीं कक्षा की छात्रा अमायरा की दर्दनाक मौत, स्कूल प्रबंधन पर सबूत मिटाने का आरोप

जयपुर, 1 नवंबर 2025

: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। नीरजा मोदी स्कूल की 6वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। घटना इतनी दर्दनाक थी कि पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों ने भी शव देखकर सिहर उठे। छात्रा की पसलियां टूट चुकी थीं और शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। इस हृदयविदारक घटना के बाद स्कूल प्रबंधन पर सबूत मिटाने का गंभीर आरोप लगा है, जिसने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

घटना का विवरण: एक सामान्य दिन का दर्दनाक अंत घटना शनिवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है, जब अमायरा अपनी कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। अचानक वह कक्षा से बाहर निकली और स्कूल की चौथी मंजिल की बालकनी से नीचे कूद गई। स्कूल मानसरोवर इलाके में स्थित है, जो जयपुर के एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के रूप में जाना जाता है। अमायरा की उम्र महज 11-12 वर्ष बताई जा रही है। वह एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती थी और पढ़ाई में औसत लेकिन अनुशासित छात्रा थी।स्कूल के गेट के ठीक नीचे गिरने के बाद अमायरा की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोग चीख-पुकार मचाने लगे, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू करने की कोशिश की। अमायरा के गिरने की जगह पर खून के धब्बे फैल गए थे, जो घटना के प्रारंभिक सबूत थे। लेकिन स्कूल स्टाफ ने जल्दबाजी में इन धब्बों को साफ करवा दिया, जिससे पुलिस जांच में बाधा उत्पन्न हो गई। यह कार्रवाई गैरकानूनी मानी जा रही है, क्योंकि कानून के अनुसार किसी अपराध स्थल पर सबूत नष्ट करना अपराध है।

परिवार का दर्द: मां की गुहार और पिता का सदमा अमायरा पुत्री विजय कुमार और उनकी पत्नी शिवानी देव का निवास मानसरोवर के द्वारका अपार्टमेंट में है। विजय कुमार एक निजी कंपनी में कर्मचारी हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। घटना की खबर मिलते ही अमायरा की मां स्कूल पहुंचीं और रो-रोकर गुहार लगाने लगीं। उन्होंने स्कूल स्टाफ से बार-बार कहा, "मेरी बच्ची को गोद में दे दो, बस एक बार छू लूं।" लेकिन स्टाफ ने उन्हें शांत करने की कोशिश की और शव को तुरंत मेट्रो मास हॉस्पिटल ले जाकर रखवा दिया। मां का यह दर्दनाक आंसू भरा चेहरा देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। पिता विजय कुमार सदमे में थे और बोल पाने की स्थिति में नहीं थे। परिवार ने बताया कि अमायरा हमेशा खुशमिजाज रहती थी, लेकिन हाल ही में स्कूल में कुछ तनाव की बातें सामने आई थीं, हालांकि कोई स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है।

अस्पताल में डरावना मंजर: डॉक्टरों का सिहरना अमायरा का शव मेट्रो मस हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम के लिए रखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि कूदने के कारण छात्रा की पसलियां बुरी तरह टूट गई थीं और शरीर के कई हिस्से फट चुके थे। शव की हालत इतनी भयावह थी कि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर भी घबरा गए। एक डॉक्टर ने बताया, "शरीर की हालत देखकर हम सब सिहर उठे। इतनी छोटी उम्र में इतना दर्द..." पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण "उंचाई से गिरना" दर्ज किया गया है, लेकिन परिवार ने स्कूल में मानसिक उत्पीड़न का संदेह जताया है।

स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप: सबूत मिटाने की कोशिश घटना के बाद नीरजा मोदी स्कूल के प्रबंधन पर सबसे बड़ा आरोप सबूत मिटाने का लगा है। स्कूल ने न केवल खून के धब्बों को साफ करवाया, बल्कि घटना स्थल की सीसीटीवी फुटेज को भी संदिग्ध तरीके से हैंडल किया। परिवार के वकील ने कहा, "स्कूल ने जानबूझकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की, जो कानूनी अपराध है। हम इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे।" स्कूल प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, प्रिंसिपल और स्टाफ ने पुलिस को बताया कि अमायरा अचानक कूद पड़ी और उन्हें कुछ पता ही नहीं चला। हालांकि, चश्मदीदों ने दावा किया है कि छात्रा कक्षा से परेशान होकर निकली थी।

पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई: मानसरोवर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ ने बताया, "हम स्कूल प्रबंधन से पूछताछ कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की मांग की है। सबूत मिटाने के आरोपों की गहन जांच होगी।" परिवार ने स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें लापरवाही और सबूत नष्ट करने के धाराओं का उल्लेख है। शिक्षा विभाग ने भी स्कूल का निरीक्षण करने का आदेश दिया है। यह घटना स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न देने का परिणाम हो सकती है।पुलिस आगे की जांच कर रही है। 

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.