जयपुर के हाथोज में फर्नीचर गोदाम में लगी भीषण आग: 20 दमकल वाहनों की मदद से पाया काबू, 13 से अधिक बच्चे-महिलाओं समेत मजदूरों को सुरक्षित निकाला
जयपुर के हाथोज क्षेत्र के नारायण सिटी में गुरुवार रात एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसमें ज्वलनशील केमिकल और फर्नीचर जलकर खाक हो गए। आग पर काबू पाने के लिए 20 दमकल वाहनों की मदद ली गई। मजदूरों के साथ 13 से अधिक बच्चे और महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया। पुलिस ने गैस सिलेंडर बाहर निकालकर बड़ा हादसा टाला। कारणों की जांच जारी, गोदाम रिहायशी इलाके में बिना अनुमति चल रहा था।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के हाथोज क्षेत्र में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब नारायण सिटी इलाके में स्थित एक फर्नीचर गोदाम (फैक्ट्री) में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा गोदाम जलकर राख हो गया, लेकिन समय पर पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की सजगता से किसी बड़े जानमाल के नुकसान से बचा जा सका। आग पर काबू पाने के लिए करीब 20 दमकल वाहनों की जरूरत पड़ी।
घटना कब और कहाँ हुई?
आग की सूचना गुरुवार रात करीब 9:40 बजे मिली। यह घटना राधा रानी वाटर पार्क के पास नारायण सिटी, हाथोज में हुई। इलाका रिहायशी है, जहाँ यह फर्नीचर फैक्ट्री/गोदाम बिना किसी नाम-प्लेट या बोर्ड के संचालित हो रही थी। गोदाम में फर्नीचर के अलावा ज्वलनशील केमिकल, फोम और अन्य सामग्री रखी हुई थी, जिसकी वजह से आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। लपटें 40 फीट तक ऊँची उठ रही थीं।
आग लगने पर मौजूद लोग
आग लगने के समय गोदाम में करीब आधा दर्जन मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इसके अलावा फैक्ट्री परिसर में 13 से अधिक बच्चे, महिलाएँ और अन्य लोग मौजूद थे। ये लोग अंदर फंस गए थे, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। किसी की जान को खतरा नहीं हुआ, हालांकि सामान को भारी नुकसान हुआ।
बचाव कार्य कैसे हुए?
स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले गोदाम से उठती लपटें देखकर फायर ब्रिगेड को सूचना दी।सूचना मिलने तक लोगों ने खुद टैंकरों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।जयपुर से दमकल की 20 गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया।खोरा बिसल थाना पुलिस, कालवाड़ और करधनी थाना पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुँची।थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने खुद मोर्चा संभाला। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से गोदाम का टीन शीट तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।आग के बीच से गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील सामान को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे विस्फोट जैसी स्थिति टल गई। लोगों ने गेट के पास रखे सोफे और गैस सिलेंडर को पहले ही बाहर कर लिया था।
आग का कारण और जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में रखे ज्वलनशील केमिकल और फर्नीचर सामग्री के कारण आग तेजी से फैली। कुछ रिपोर्ट्स में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण बताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक रूप से कारणों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री रिहायशी इलाके में अवैध रूप से बिना अनुमति के चल रही थी। यदि समय रहते दमकल और पुलिस नहीं पहुँचती तो हालात बहुत गंभीर हो सकते थे, क्योंकि इलाका घनी आबादी वाला है।