जयपुर में जुमे की नमाज के दौरान फिरदौस मस्जिद की बालकनी दीवार गिरी: 19 लोग मलबे में दबे, 8 की हालत गंभीर, मस्जिद में करीब 1000 लोग मौजूद थे
जयपुर के भट्टा बस्ती स्थित फिरदौस मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान पहली मंजिल की बालकनी की दीवार गिर गई, जिसमें 19 लोग मलबे में दब गए। 8 की हालत गंभीर है, सभी को बचाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। मस्जिद में करीब 1000 लोग मौजूद थे, हादसा दोपहर 2:30 बजे हुआ।
जयपुर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र स्थित फिरदौस मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद दुआ के समय पहली मंजिल पर बनी बालकनी की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में 19 लोग मलबे में दब गए, जबकि 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के समय मस्जिद में करीब 1000 लोग मौजूद थे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसा दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ, जब नमाज पूरी होने के बाद लोग दुआ पढ़ रहे थे और कुछ बाहर निकलने की तैयारी कर रहे थे। नमाजियों की भारी भीड़ के कारण पहली मंजिल की बालकनी पर दबाव बढ़ गया, जिससे दीवार का हिस्सा टूटकर नीचे गिर पड़ा। गिरते मलबे में कई लोग, खासकर महिलाएं और बच्चे, दब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोग चप्पल-जूते खोलकर रखे थे और बाहर निकल रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
घायलों का विवरण
हादसे में कुल 19 लोग घायल हुए। इनमें से 8 की हालत गंभीर है, जिन्हें एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। गंभीर घायलों में शामिल हैं:रुस्तम (40 वर्ष),ईशान (34 वर्ष),खुर्शीद (25 वर्ष),सुहैल (25 वर्ष),इमाम जफर (20 वर्ष),इकबाल (18 वर्ष),दो अन्य लोग। अन्य घायलों में पानीपेंच निवासी एक 18 वर्षीय कन्या, मोहम्मद शमशेर (पांव टूटा), मोहम्मद साबिर (45 वर्ष) और उनके बेटे मोहम्मद सलमान (6 वर्ष) व मोहम्मद सुल्तान शामिल हैं। कुल 11 घायल एसएमएस अस्पताल में हैं, जिनमें 3 आईसीयू में और 8 वार्ड में भर्ती हैं। कुछ घायलों को कांवटिया अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
पानीपेंच निवासी घायल कन्या (18 वर्ष) ने बताया: "मैं मस्जिद के बाहर बैठी थी। अंदर बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ रहे थे, तभी अचानक ऊपर से दीवार गिर गई। हादसे में मेरी पीठ और कमर में चोट आई है।"
मोहम्मद शमशेर ने कहा: "जब दीवार गिरी तो लगा जैसे कयामत आ गई हो। हादसे में मेरा पांव टूट गया है। दुआ मांगने के बाद जब हम निकल रहे थे, तभी हादसा हुआ।"मोहम्मद साबिर (45 वर्ष) ने बताया: "मैं अपने दो बेटों के साथ नमाज पढ़ने गया था। दुआ के बाद चप्पल पहन रहे थे तभी बालकनी की दीवार गिर गई। मेरा बड़ा बेटा बच गया, लेकिन छोटे बेटे के सिर पर चोट आई।"प्रत्यक्षदर्शी फैजान ने कहा: "नमाज के बाद बाहर आ रहा था। दीवार का आधा हिस्सा टूटकर गिरा, महिलाएं और बच्चे दब गए। सभी ने मिलकर घायलों को निकाला।"
बचाव कार्य और अस्पताल की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया। घायलों को सबसे पहले कांवटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत वाले 6-8 लोगों को एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। कांवटिया अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. आर.एस. तंवर ने बताया कि 15 घायलों को लाया गया था, जिनमें से 6 गंभीर थे। एक घायल के सिर में चोट लगी थी, जिसके टांके लगाए गए। बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।