जयपुर में 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से रेप: रिश्तेदार ने नोट्स के बहाने स्कूल के बाहर से उठाया, दोस्त के घर ले जाकर किया दुष्कर्म; POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार
जयपुर में 17 वर्षीय 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ उसके रिश्तेदार ने परीक्षा के बाद स्कूल के बाहर नोट्स देने के बहाने अपहरण किया। आरोपी उसे अपने दोस्त के घर ले जाकर डरा-धमकाकर बलात्कार किया और चुप रहने की धमकी दी। पीड़िता ने परिवार को बताया, जिसके बाद पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जयपुर। राजधानी जयपुर से एक बेहद शर्मनाक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसमें एक रिश्तेदार ने 12वीं कक्षा पढ़ने वाली 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने परीक्षा के महत्वपूर्ण नोट्स देने का झांसा देकर छात्रा को बहला-फुसलाया और फिर अपने दोस्त के घर ले जाकर उसके साथ अपराध किया। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
घटना कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, पीड़िता जयपुर की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा है, जो 12वीं कक्षा में पढ़ती है। वह परीक्षा देने के लिए स्कूल गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूल के बाहर उसका एक रिश्तेदार मिलने आया। आरोपी ने छात्रा को "एग्जाम के महत्वपूर्ण (इंम्पोर्टेंट) नोट्स" देने की बात कही और उसे अपने साथ चलने के लिए मनाया।
नाबालिग छात्रा आरोपी के साथ चली गई। आरोपी उसे अपने दोस्त के घर ले गया, जहां उसने छात्रा को डरा-धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया। अपराध के बाद आरोपी ने पीड़िता को किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी और उसे वहां से छोड़कर चला गया।
परिवार को कैसे पता चला?
घर लौटने के बाद पीड़िता का व्यवहार असामान्य और डरा-सहमा हुआ दिखा। परिवार के सदस्यों ने जब उससे पूछताछ की, तो उसने पूरी आपबीती सुना दी। परिजनों ने तुरंत आरोपी रिश्तेदार के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया और उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया। मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रिश्तेदार की तलाश शुरू की और दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (जेसी) में भेज दिया गया।