बीकानेर में नकली सोना गिरवी रखकर लाखों का गोल्ड लोन: यूको बैंक की जांच में खुला धोखाधड़ी का मामला, मां-बेटे पर दर्ज हुई FIR
बीकानेर के गंगाशहर में यूको बैंक से रामप्यारी सोलंकी और उनके बेटे दाऊलाल सोलंकी ने सितंबर 2025 में नकली गहनों को असली सोना बताकर करीब 19 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया। बैंक की गहन जांच में गहने फर्जी निकले, जिसके बाद बैंक ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। पुलिस जांच कर रही है और लोन की राशि अभी तक वापस नहीं की गई।
बीकानेर के गंगाशहर क्षेत्र में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यूको बैंक की गंगाशहर शाखा से सितंबर 2025 में करीब 19 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया गया था, लेकिन बैंक की गहन जांच में गिरवी रखे गए गहने नकली निकले। बैंक ने इसे जानबूझकर की गई धोखाधड़ी मानते हुए लोन लेने वाले मां-बेटे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की विस्तृत जानकारी यह मामला सितंबर 2025 का है, जब बीकानेर निवासी रामप्यारी सोलंकी और उनके बेटे दाऊलाल सोलंकी ने यूको बैंक की गंगाशहर शाखा से गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया था। दोनों ने बैंक में तय मात्रा में सोने के गहने गिरवी रखे और इन गहनों को असली सोना बताकर 18 लाख 87 हजार रुपये का लोन हासिल कर लिया। लोन की राशि करीब 19 लाख रुपये बताई जा रही है।बैंक द्वारा गोल्ड लोन देते समय गहनों की प्रारंभिक जांच कसौटी (टचस्टोन टेस्ट) के आधार पर की जाती है, जिसके अनुसार गहने सोने के लगे। हालांकि, बाद में बैंक की ओर से गिरवी रखे गहनों की विस्तृत और गहन जांच करवाई गई। इस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरवी रखे गए सभी गहने नकली थे। ये गहने केवल सतही तौर पर सोने जैसे दिखते थे, लेकिन वास्तव में इनमें सोने की मात्रा नगण्य या शून्य थी।
बैंक का आरोप: जानबूझकर धोखाधड़ी यूको बैंक की शिकायत के अनुसार, रामप्यारी सोलंकी और दाऊलाल सोलंकी ने जानबूझकर नकली गहनों को असली सोना बताकर लोन लिया। लोन की राशि लेने के बाद उन्होंने न तो कोई किस्त जमा की और न ही पूरी राशि वापस की। बैंक का कहना है कि यह स्पष्ट धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें ग्राहकों ने बैंक को लाखों रुपये का चूना लगाया।बैंक की ओर से शिकायतकर्ता रवि आर्य ने गंगाशहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (धोखाधड़ी, विश्वासघात आदि) के तहत मां-बेटे दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस जांच शुरू गंगाशहर पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक मोनिका को सौंपी गई है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह केवल एक व्यक्ति का काम था या इसमें कोई और शामिल है। साथ ही, गहनों की असली जांच कैसे पास हुई और नकली गहने कैसे असली प्रमाणित हो गए, इस पहलू की भी पड़ताल की जा रही है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी अभी फरार नहीं हैं, लेकिन पूछताछ और सबूत जुटाने का काम चल रहा है। अगर जांच में और तथ्य सामने आए तो मामले में और नाम जुड़ सकते हैं।
गोल्ड लोन धोखाधड़ी के बढ़ते मामले यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल के वर्षों में राजस्थान सहित पूरे देश में गोल्ड लोन के नाम पर नकली सोना गिरवी रखकर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। बीकानेर में ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की विभिन्न शाखाओं में भी इसी तरह के फर्जीवाड़े उजागर हुए हैं, जहां स्वर्णकारों की मिलीभगत से नकली या कम शुद्धता वाले गहनों को असली बताकर लोन लिए गए। बैंक अब गोल्ड लोन देते समय अधिक सतर्कता बरत रहे हैं और विस्तृत जांच अनिवार्य कर रहे हैं।