बीकानेर में हार्ट अटैक से जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी की दर्दनाक मौत
बीकानेर में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता (56) की शुक्रवार सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। पिछले कुछ दिनों से सीने में दर्द की शिकायत थी, जिसे गंभीरता से नहीं लिया। मौत से एक रात पहले वे परिवार के साथ डॉक्टर्स मीट में शामिल हुए थे। वे पूर्व कार्यवाहक CMHO रह चुके थे और स्वास्थ्य योजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
बीकानेर, 26 दिसंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर शहर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता (उम्र 56 वर्ष) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। डॉ. गुप्ता पिछले कुछ दिनों से सीने में दर्द की शिकायत महसूस कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे उनके घर पर अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई। परिजनों ने तुरंत उन्हें नजदीकी हल्दीराम हॉस्पिटल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें मृत घोषित कर दिया।सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने इस घटना पर दुख जताते हुए बताया कि डॉ. राजेश गुप्ता को पिछले कुछ दिनों से सीने में दर्द हो रहा था। वे इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज करते रहे, जो अंततः घातक साबित हुआ। डॉ. वर्मा ने कहा कि सुबह तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों की टीम के सभी प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
दिलचस्प बात यह है कि मौत से एक रात पहले, गुरुवार रात को डॉ. गुप्ता परिवार के साथ जयपुर रोड पर स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित डॉक्टर्स मीट में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र हर साल डॉक्टर्स मीट का आयोजन करते हैं। कार्यक्रम में मौजूद अन्य डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. गुप्ता पूरी शाम सभी से मिलते-जुलते रहे और उन्हें कोई शिकायत नहीं थी। वे पूरी तरह सामान्य दिखाई दे रहे थे। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि हार्ट अटैक कभी भी अचानक आ सकता है, भले ही व्यक्ति बाहरी तौर पर स्वस्थ लग रहा हो।
डॉ. राजेश गुप्ता बीकानेर के पुरानी गिन्नानी इलाके में रहते थे। वे एक समर्पित स्वास्थ्य अधिकारी थे और जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनका मुख्य कार्य जिले में टीकाकरण कार्यक्रमों की देखरेख करना था। इसके अलावा, मई 2024 से जनवरी 2025 तक वे बीकानेर के कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे। इस दौरान उन्होंने बीकानेर में जनता क्लिनिक शुरू कराने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई। उनके सहकर्मी उन्हें एक मेहनती और जनसेवा के प्रति समर्पित अधिकारी के रूप में याद करते हैं।
डॉ. गुप्ता की अचानक मौत से चिकित्सा जगत और बीकानेर के स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। यह घटना एक बार फिर हृदय संबंधी समस्याओं की गंभीरता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीने में दर्द जैसी शिकायतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर बढ़ती उम्र में। नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।