बिहार में बोर्ड की बड़ी लापरवाही: छात्र के एडमिट कार्ड पर इंसान की जगह छपी 'कुत्ते' की फोटो, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

बिहार के रोहतास में एक अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड पर उसकी फोटो की जगह कुत्ते की फोटो छप गई है। सिविल कोर्ट में चपरासी के पद के लिए जारी इस एडमिट कार्ड ने विभाग की भारी लापरवाही को उजागर किया है, जिससे अभ्यर्थी काफी परेशान है।

Mar 11, 2026 - 17:04
बिहार में बोर्ड की बड़ी लापरवाही: छात्र के एडमिट कार्ड पर इंसान की जगह छपी 'कुत्ते' की फोटो, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

पटना/रोहतास: बिहार में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में लापरवाही के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन इस बार जो मामला सामने आया है उसने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार के रोहतास जिले में एक अभ्यर्थी उस समय दंग रह गया, जब उसने अपनी चपरासी (Peon) भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। एडमिट कार्ड पर अभ्यर्थी की तस्वीर की जगह एक 'कुत्ते' की फोटो छपी हुई थी। यह घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है और सोशल मीडिया पर प्रशासन का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 'सिविल कोर्ट पटना' द्वारा आयोजित होने वाली अटेंडेंट (Peon/Orderly) भर्ती परीक्षा 2022 से जुड़ा है। रोहतास के रहने वाले एक युवक ने वर्ष 2022 में इस पद के लिए आवेदन किया था। काफी लंबे इंतजार के बाद, जब मार्च 2026 में इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए गए, तो अभ्यर्थी ने बड़े उत्साह के साथ अपना कार्ड डाउनलोड किया। लेकिन जैसे ही उसकी नजर फोटो वाले हिस्से पर पड़ी, उसके होश उड़ गए। एडमिट कार्ड पर नाम और अन्य सभी जानकारी तो सही थी, लेकिन फोटो वाले बॉक्स में उसकी जगह एक सुनहरे रंग के (Golden Retriever) कुत्ते की तस्वीर लगी हुई थी।

भर्ती प्रक्रिया और ऑनलाइन प्रणाली पर सवाल

यह घटना एक बार फिर भर्ती बोर्ड और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली की खामियों को उजागर करती है। अभ्यर्थी का कहना है कि उसने आवेदन के समय अपनी सही फोटो अपलोड की थी, फिर भी विभाग ने एडमिट कार्ड जारी करते समय इतनी बड़ी चूक कैसे कर दी? एडमिट कार्ड के अनुसार, अभ्यर्थी का रोल नंबर 251000 है और उसकी परीक्षा 15 मार्च 2026 को सहरसा के एक केंद्र (Eklavya Central School) पर होनी तय है। सबसे हैरानी की बात यह है कि एडमिट कार्ड पर संबंधित अधिकारी (Rupesh Deo) के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, जिसका मतलब है कि बिना जांचे ही इसे डिजिटल रूप से जारी कर दिया गया।

अभ्यर्थी की परेशानी और प्रशासनिक चुप्पी

अभ्यर्थी अब इस बात को लेकर परेशान है कि क्या उसे इस एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा? आमतौर पर एडमिट कार्ड पर फोटो का मिलान अभ्यर्थी के चेहरे से किया जाता है, ऐसे में कुत्ते की फोटो के साथ परीक्षा देना असंभव है। अभ्यर्थी ने सुधार के लिए संबंधित विभाग के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। इस मामले के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने नीतीश सरकार और परीक्षा बोर्ड पर हमला बोला है। लोगों का कहना है कि यह अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

डिजिटल इंडिया के दौर में मैनुअल लापरवाही

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीकी त्रुटि (Technical Glitch) के साथ-साथ मानवीय लापरवाही का भी मामला है। जब डेटा फीड किया जाता है या सर्वर से कॉल किया जाता है, तो क्रॉस-वेरिफिकेशन न होना ऐसी अजीबो-गरीब स्थितियों को जन्म देता है। इससे पहले भी बिहार में एडमिट कार्ड पर फिल्मी सितारों या भगवान की तस्वीरें छपने के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन 'कुत्ते' की फोटो छपना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा मानी जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.