भीलवाड़ा हत्याकांड: मां के हाथों दो मासूम बच्चों की क्रूर हत्या - कैंसर के भ्रम में ली गई निर्दोष जानें
भीलवाड़ा के मानपुरा गांव में 11 जनवरी 2026 को संजू देवी (35) ने कैंसर के भ्रम में अपने 12 साल की बेटी नेहा और 7 साल के बेटे भैरू की क्रूर हत्या कर दी। पहले गला घोंटा, फिर टेंट की कील से गले-पेट पर 8-10 वार किए। बच्चे 15-20 मिनट तड़पे। संजू ने खुद सुसाइड की कोशिश की। पति राजू ने बताया कि वह बच्चों से बहुत प्यार करती थी, लेकिन सोशल मीडिया रील्स से कैंसर का डर सता रहा था। पुलिस ने गिरफ्तार किया, जांच जारी।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में 11 जनवरी 2026 को एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया। एक मां ने अपने ही दो छोटे बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी मां संजू देवी (35 वर्ष) ने 11-12 साल की बेटी नेहा और 7 साल के बेटे भैरू की जान ले ली। पति राजू तेली के अनुसार, संजू ने बच्चों को पहले रस्सी से गला घोंटा, फिर टेंट गाड़ने वाली नुकीली कील से उनके गले और पेट पर 8-10 बार वार किए। कुछ घाव इतने गहरे थे कि वे गले से आर-पार हो गए, जबकि कुछ 1.5 से 2 इंच तक शरीर में धंस गए।
लहूलुहान बच्चे मां के सामने 15-20 मिनट तक तड़पते रहे, उसके बाद दम तोड़ दिया। फॉरेंसिक जांच में दोनों बच्चों पर हमले का पैटर्न एक जैसा पाया गया - पहले गला घोंटना, फिर कील से वार।
घटना का क्रम और पति राजू की जुबानी
सामान्य दिन की तरह 11 जनवरी की सुबह राजू और उनके पिता टेंट लगाने के काम पर निकलने की तैयारी कर रहे थे। संजू ने राजू के साथ खाना खाया और बिल्कुल सामान्य व्यवहार किया। कोई तनाव या असामान्य हाव-भाव नहीं दिखा। राजू करीब 9:30 बजे घर से निकल गए।
करीब 11:23 बजे राजू के पिता को संजू का फोन आया। उसने बताया, "मैंने दोनों बच्चों को मार दिया है। मुझे कैंसर है, इसका कोई इलाज नहीं। बच्चों का कोई ख्याल नहीं रख सकता, इसलिए उन्हें मार दिया। अब मैं भी मर रही हूं।" यह सुनकर राजू के पिता सदमे में चले गए और फौरन राजू को सूचना दी।
राजू ने तुरंत पड़ोसियों को घर भेजा और खुद बाइक से दौड़े। घर पहुंचते ही भीड़ देखी। अंदर लहूलुहान बच्चे पड़े थे। संजू बेसुध हालत में बच्चों के पास मिली। उसने चुन्नी से फंदा लगाने और जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड की कोशिश की थी।
पड़ोसियों ने छत से घर में प्रवेश किया और संजू को बचाया। पुलिस ने उसे मांडलगढ़ अस्पताल पहुंचाया, फिर भीलवाड़ा रेफर किया। इलाज के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
राजू का दर्द और सदमा
राजू ने बताया, "कोई मां भला अपने बच्चों को कैसे मार सकती है? जिन हाथों से वह खाना खिलाती थी, उन्हीं हाथों से कलेजे के टुकड़ों की हत्या कर दी।" वे रोते हुए कहते हैं कि संजू बच्चों से बहुत प्यार करती थी। उनके साथ रील बनाती थी, पास सुलाती थी, स्कूल तैयार करके भेजती थी।
"मुझे यकीन नहीं होता कि ऐसी मां इतनी निर्दयी कैसे हो गई। अगर समस्या थी तो मुझे या परिवार को बता देती।" राजू ने कहा कि अब वे संजू के साथ नहीं रहेंगे। "क्या पता वो मुझे भी मार डाले।" उन्होंने उसके खिलाफ कोई केस नहीं करवाया, लेकिन कानून अपना काम करे।
आरोपी मां का कबूलनामा और वजह
पूछताछ में संजू ने बताया कि वह लंबे समय से शारीरिक परेशानियों से जूझ रही थी - मुंह में छाले, अन्य समस्याएं। सोशल मीडिया पर रील्स देखकर उसने खुद को कैंसर का मरीज मान लिया। उसे डर था कि मौत के बाद बच्चे अकेले रह जाएंगे, कोई उनका ध्यान नहीं रखेगा। इसी भ्रम में उसने बच्चों को "बचाने" के नाम पर मार डाला और खुद भी मरने की कोशिश की।
पुलिस और FSL की जांच
पुलिस ने FSL टीम बुलाई। रिपोर्ट में हत्या का पैटर्न एक जैसा पाया गया। संजू को गिरफ्तार कर जांच जारी है। मामला मांडलगढ़ थाने में दर्ज है।