ब्यावर जिले के अतीतमंड गांव में माइनिंग सर्वे टीम पर हमला: निवर्तमान सरपंच ने दौड़ाकर पीटा, महिला फोरमैन और इंजीनियर घायल, ड्रोन तोड़ा, वाहनों पर पथराव
ब्यावर जिले के अतीतमंड गांव में माइनिंग विभाग की ड्रोन सर्वे टीम पर निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह और ग्रामीणों ने हिंसक हमला किया। सर्वे शुरू होते ही गाली-गलौज से मारपीट शुरू हुई, महिला फोरमैन अनिता वीर चंदानी और इंजीनियर प्रितेश घायल हुए। ड्रोन तोड़ा गया, टीम के कार से भागने पर पथराव किया गया, दो वाहन क्षतिग्रस्त। अवैध खनन छिपाने के लिए हमला माना जा रहा है। पुलिस ने सरपंच को डिटेन किया, जांच जारी।
अजमेर जिले के ब्यावर में स्थित अतीतमंड गांव में मंगलवार शाम को खनन विभाग की टीम पर ग्रामीणों और निवर्तमान सरपंच द्वारा हिंसक हमला किया गया। टीम माइन धारकों के क्षेत्र का ड्रोन सर्वे करने पहुंची थी, लेकिन सर्वे शुरू होते ही विरोध शुरू हो गया, जो जल्द ही मारपीट और पथराव में बदल गया। इस घटना में विभाग की महिला वरिष्ठ फोरमैन और एक इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गए, ड्रोन क्षतिग्रस्त कर दिया गया तथा दो वाहनों को तोड़-फोड़ कर दिया गया।
घटना का विवरण
घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे की है। खनन विभाग की टीम, जिसमें जोधपुर से आए इंजीनियर प्रितेश और वरिष्ठ माइनिंग फोरमैन अनिता वीर चंदानी शामिल थीं, अतीतमंड गांव में माइन धारकों के क्षेत्र का ड्रोन सर्वे करने पहुंची। सर्वे कार्य शुरू होते ही स्थानीय निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह सहित कुछ ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी।
जल्द ही स्थिति बिगड़ गई और हमलावरों ने इंजीनियर प्रितेश और महिला फोरमैन अनिता वीर चंदानी पर हमला कर दिया। प्रितेश के कान और कनपटी पर गंभीर चोटें आईं, जबकि अनिता भी घायल हो गईं। टीम के ड्रोन को भी तोड़ दिया गया।जब टीम ने जान बचाने के लिए कार में बैठकर मौके से भागने की कोशिश की, तो ग्रामीणों ने उनके पीछे पथराव शुरू कर दिया। पथराव से सरकारी वाहन और इंजीनियर प्रितेश की निजी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टीम किसी तरह भागने में सफल रही।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही साकेत नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अधिकांश हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने घायल इंजीनियर प्रितेश और फोरमैन अनिता का मेडिकल परीक्षण कराया और उनके बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया।
थानाधिकारी जितेंद्र फौजदार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अवैध खनन से जुड़े लोग ड्रोन सर्वे नहीं होने देना चाहते थे। इसी कारण ग्रामीणों को उकसाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह को हिरासत में ले लिया है (डिटेन किया है)। अन्य आरोपियों की पहचान और तलाश जारी है। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है।घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सरपंच दुष्यंत सिंह टीम के सदस्यों के साथ झगड़ा करते और हमला करते नजर आ रहे हैं।
पृष्ठभूमि और कारण
प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि यह हमला अवैध खनन को बचाने के लिए किया गया। ड्रोन सर्वे से अवैध माइनिंग की गतिविधियां पकड़ी जा सकती थीं, जिससे प्रभावित होने वाले लोगों ने विरोध जताया और हिंसा का सहारा लिया। राजस्थान में अवैध खनन एक गंभीर समस्या बनी हुई है, और विभागीय टीमों पर ऐसे हमले पहले भी हो चुके हैं।