बाड़मेर: गुड़ामालानी में एसडीएम और भाजपा प्रधान के बीच तीखी बहस, अफसर बोले- “चांद लाकर दे दो तो मैं कहां से लाऊंगा”, प्रधान नाराज़ हो गए

बाड़मेर के गुड़ामालानी में एसडीएम केशव कुमार मीणा और भाजपा प्रधान बिजलाराम चौहान के बीच फसल बीमा, बिजली-पानी सहित 11 मांगों को लेकर तीखी बहस हुई। एसडीएम ने प्रधान से इस्तीफा देने और “चांद लाकर दे दो” जैसे तंज कसे, जिसके बाद प्रधान समेत किसान धरने पर बैठ गए। आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।

Dec 6, 2025 - 11:53
बाड़मेर: गुड़ामालानी में एसडीएम और भाजपा प्रधान के बीच तीखी बहस, अफसर बोले- “चांद लाकर दे दो तो मैं कहां से लाऊंगा”, प्रधान नाराज़ हो गए

बाड़मेर।   बाड़मेर जिले की गुड़ामालानी पंचायत समिति में शुक्रवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब भाजपा समर्थित प्रधान बिजलाराम चौहान और एसडीएम केशव कुमार मीणा के बीच खुलेआम तीखी बहस हो गई। बहस इतनी गरमाई कि एसडीएम ने प्रधान से कहा, “आप इस्तीफा क्यों नहीं दे देते? आप कहोगे चांद लाकर दे दो, मैं कहां से लाऊंगा?” जबकि प्रधान ने पलटकर कहा, “मेरी पंचायत समिति में कोई नहीं सुनता, वहां तो आपके चमचे और एजेंट बैठे हैं। मैंने कितने ही ज्ञापन दे दिए, हर बार आप मीठी गोली दे देते हो।”क्या था पूरा मामला?किसान संघर्ष समिति गुड़ामालानी के बैनर तले प्रधान बिजलाराम चौहान के नेतृत्व में दर्जनों किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे।

 

उनके पास 11 सूत्री मांग-पत्र था, जिसमें मुख्य मांगें ये थीं:फसल बीमा क्लेम की राशि जल्द जारी करना, बिजली कनेक्शन और ट्रांसफॉर्मर की, समस्याओं का तुरंत निपटारा ,पेयजल संकट का समाधान ,खराब सड़कों की मरम्मत, अन्य ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दे, किसान शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने आए थे, लेकिन जब एसडीएम ने कहा कि सारी मांगें एक साथ पूरी करना संभव नहीं है और कई मामले उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, तो प्रधान भड़क गए।

बहस के मुख्य अंश:प्रधान बिजलाराम चौहान:“सर, मेरी पंचायत समिति में कोई मेरी नहीं सुनता। वहां तो आपके चमचे और एजेंट बैठे हैं। मैं कुछ भी कहता हूं, कोई काम नहीं होता।”

एसडीएम केशव कुमार मीणा: “आप इस्तीफा क्यों नहीं दे देते? जितना मेरी क्षमता में है, उतना करूंगा। आप कह दोगे चांद-सितारे लाकर दे दो, मैं कहां से लाऊंगा?”

प्रधान: “हमने कितने ही ज्ञापन दे दिए। हर बार आप मीठी-मीठी बातें करके टाल देते हो। अब बस बहुत हुआ।”इसके बाद किसान और प्रधान एसडीएम कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक धरना चला। आखिरकार एसडीएम ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा और जहां संभव होगा, प्राथमिकता से काम होगा। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।

इलाके में चर्चा का विषय गुड़ामालानी क्षेत्र में लंबे समय से बिजली, पानी और फसल बीमा क्लेम को लेकर किसान परेशान हैं। कई गांवों में ट्रांसफॉर्मर खराब पड़े हैं, बिजली लाइनें टूटी हुई हैं और फसल बीमा के क्लेम महीनों से लंबित हैं। प्रधान बार-बार अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो रहा। इसी कुंठा का परिणाम शुक्रवार को सामने आया।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.