दिल्ली में ‘मधुर मुलाकात’ के बाद सियासी घमासान, गहलोत–पायलट की फोटो पर BJP का तंज..

दिल्ली में Ashok Gehlot और Sachin Pilot की मुलाकात के बाद सियासत गरमा गई है। दोनों नेताओं की साथ वाली तस्वीर को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore ने तंज कसते हुए इसे दिखावे की एकता बताया। इस पर गहलोत ने पलटवार करते हुए भाजपा पर कांग्रेस में फूट डालने की कोशिश का आरोप लगाया और पार्टी को एकजुट बताया।

Apr 26, 2026 - 11:48
दिल्ली में ‘मधुर मुलाकात’ के बाद सियासी घमासान, गहलोत–पायलट की फोटो पर BJP का तंज..

राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का केंद्र रहे दो बड़े चेहरे—Ashok Gehlot और Sachin Pilot—हाल ही में दिल्ली में एक साथ नजर आए। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान सहज माहौल दिखा, बातचीत हुई और मुस्कुराते हुए तस्वीरें भी सामने आईं। इस मुलाकात को कांग्रेस के भीतर एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा गया।

भाजपा ने साधा निशाना, फोटो पर उठाए सवाल

इस मुलाकात की तस्वीर सामने आते ही भाजपा ने इसे मुद्दा बना लिया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore ने तंज कसते हुए कहा कि अगर नेताओं को अपनी एकता दिखाने के लिए फोटो खिंचवानी पड़े, तो इसका मतलब है कि अंदरखाने मतभेद अभी भी खत्म नहीं हुए हैं।

उन्होंने कहा कि जिन नेताओं के बीच पहले गंभीर आरोप-प्रत्यारोप हो चुके हों, उनके बीच अचानक आई यह नजदीकी “दिखावे” से ज्यादा कुछ नहीं लगती। उनके मुताबिक, असली एकता दिखाने के लिए सार्वजनिक प्रदर्शन की जरूरत नहीं होती।

पुराने विवादों को लेकर भाजपा का हमला

भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि जब किसी नेता को अपने ही सहयोगी के खिलाफ कठोर शब्दों का इस्तेमाल करना पड़ा हो, तो उन रिश्तों में दरार इतनी आसानी से खत्म नहीं होती। इस बयान के जरिए भाजपा ने गहलोत-पायलट के पुराने विवादों को फिर से हवा देने की कोशिश की।

गहलोत का पलटवार—‘भाजपा भ्रम फैलाने में लगी’

भाजपा के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस के भीतर फूट डालने की कोशिश कर रही है।

गहलोत ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि वे बार-बार सचिन पायलट का नाम लेकर पुराने विवादों को फिर से जिंदा करें, ताकि पार्टी में टकराव का माहौल बने। लेकिन उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस अब पूरी तरह एकजुट है और ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।

‘हमें तोड़ने की कोशिश पहले भी हुई’—गहलोत

गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सरकार के दौरान भी विपक्ष ने कई बार पार्टी को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस मजबूती से खड़ी रही। उन्होंने कहा कि अब भी वही रणनीति अपनाई जा रही है, लेकिन पार्टी के नेता समझदार हैं और एकजुटता बनाए हुए हैं।

राजस्थान की राजनीति में फिर गरमाया माहौल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस इस मुलाकात के जरिए एकता का संदेश देने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा इसे अंदरूनी खींचतान का सबूत बताकर राजनीतिक फायदा उठाने में जुटी है।

आगे क्या?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के लिए गहलोत और पायलट का साथ आना बेहद अहम है। वहीं भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाकर कांग्रेस को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।

दिल्ली में हुई इस मुलाकात ने भले ही “मधुर मिलन” का संदेश दिया हो, लेकिन इसके बाद शुरू हुआ सियासी “वार-पलटवार” यह संकेत दे रहा है कि राजस्थान की राजनीति में टकराव और बयानबाजी का दौर अभी जारी रहेगा।