बालोतरा में अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश: हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, पिकअप, अल्टो कार और बाइक बरामद; कई जिलों में फैला था नेटवर्क
बालोतरा पुलिस ने ऑपरेशन अश्ववेग के तहत अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया। हिस्ट्रीशीटर शैतानराम (29 मामले) समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की तीन पिकअप, एक अल्टो कार और बाइक बरामद की गई। गिरोह का नेटवर्क जालोर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर तक फैला था।
राजस्थान के बालोतरा जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की कई वाहन बरामद किए गए हैं, जिनमें पिकअप, अल्टो कार और बाइक शामिल हैं। मुख्य आरोपी के खिलाफ कुल 29 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो गिरोह के व्यापक नेटवर्क को दर्शाते हैं।
गिरफ्तार आरोपी और उनका आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी: शैतानराम पुत्र लादुराम, निवासी पादरू। यह हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ चोरी के 25 मामले और अन्य 4 गंभीर मामले दर्ज हैं। ये मामले जालोर, जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।नेमाराम: बालोतरा के सिवाना थाने में चोरी के 4 मामले दर्ज।हनुमानराम: बाड़मेर कोतवाली में चोरी का एक मामला दर्ज।
गिरोह का नेटवर्क राजस्थान के कई जिलों—जालोर, बिशनगढ़, बालोतरा, जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर—में फैला हुआ था, जिससे साफ होता है कि यह संगठित तरीके से काम कर रहा था।
बरामद वाहन
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित चोरी के वाहन बरामद किए:तीन पिकअप, एक अल्टो कार (नेमाराम से बरामद), एक बाइक, ये वाहन मुख्य रूप से जालोर, बिशनगढ़ और बालोतरा क्षेत्र से चुराए गए थे।
पुलिस की कार्रवाई और ऑपरेशन अश्ववेग
बालोतरा पुलिस ने ऑपरेशन अश्ववेग के तहत यह सफलता हासिल की है। एसपी रमेश (IPS) ने बताया कि चोरी सहित अन्य आपराधिक मामलों के शत-प्रतिशत खुलासे के लिए यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है।टीम का गठन: एएसपी हरफूल सिंह और डीएसपी अनिल पुरोहित के सुपरविजन में हिंगलाजदान के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। इसमें DST (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) को भी शामिल किया गया।जांच का तरीका: पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और पारंपरिक पुलिसिंग का संयोजन किया। इससे घटनाओं की कड़ियां जुड़ीं।
पूछताछ और खुलासा: नेमाराम और हनुमानराम को डिटेन कर पूछताछ की गई। दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने मुख्य आरोपी शैतानराम के साथ मिलकर वाहन चोरी किए। इसके बाद शैतानराम को जालोर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया।पुलिस अब अन्य चोरी की वारदातों के बारे में आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
जांच की शुरुआत: दो प्रमुख घटनाएं
यह पूरी कार्रवाई दो चोरी की घटनाओं से शुरू हुई:8 फरवरी को बालोतरा निवासी जावेद पुत्र सफी मोहम्मद ने शिकायत की कि मोमडन ग्राउंड के बाहर दुकान के सामने खड़ी उनकी बाइक को अल्टो कार में आए दो चोर चुरा ले गए।16 फरवरी को रामाराम ने रिपोर्ट दी कि 15 फरवरी की रात महादेव मंदिर के पास खड़ी उनकी पिकअप गाड़ी चोरी हो गई।इन मामलों में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की, जिसके नतीजे में पूरे गिरोह का खुलासा हो सका।