अलवर में अशोक लीलैंड प्लांट में भीषण आग: पेंट शॉप पूरी तरह जलकर खाक, 30 लाख से अधिक का नुकसान
अलवर के मत्स्य इंडस्ट्रियल एरिया में अशोक लीलैंड प्लांट के पेंट शॉप सेक्शन में शनिवार रात करीब 10:30 बजे भीषण आग लग गई। आग की लपटें 300 मीटर तक दिखीं, लेकिन सभी 30+ मजदूर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। फायर ब्रिगेड ने 1-1.5 घंटे में काबू पाया। कारण अज्ञात, अनुमानित नुकसान 30 लाख रुपये से अधिक। कोई जनहानि नहीं हुई।
अलवर, राजस्थान: मत्स्य इंडस्ट्रियल एरिया (MIA) स्थित अशोक लीलैंड कंपनी के बड़े प्लांट में शनिवार रात करीब 10:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। यह हादसा प्लांट के उस हिस्से में हुआ जहां ट्रकों और बसों पर पेंट (रंग) किया जाता है। आग इतनी तेजी से फैली कि लपटें 300 मीटर दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूत्रों के अनुसार, आग लगने के समय पेंट शॉप में 30 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। सौभाग्य से आग भड़कने के कुछ ही मिनटों में सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई और न ही कोई हताहत हुआ। फैक्ट्री के अन्य हिस्सों में भी बड़ी संख्या में वर्कर मौजूद थे, लेकिन आग सिर्फ पेंटिंग सेक्शन तक सीमित रही।
फायर ब्रिगेड को सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंची। अलवर के फायर ऑफिसर अमित मीणा ने बताया कि आग पर काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लगा। फायर ब्रिगेड की टीम ने एक से डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझा दी। प्लांट के गेट नंबर दो के पास यह घटना हुई, जहां पेंट शॉप स्थित है। पास ही बसों और ट्रकों की कई चेसिस (फ्रेम) रखी हुई थीं, लेकिन सौभाग्य से आग उन तक नहीं पहुंची।
कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि आग अचानक लगी और कुछ ही पलों में पूरे पेंट एरिया को अपनी चपेट में ले लिया। सायरन बजते ही कर्मचारी बाहर निकले। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक दिख रही थीं। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, आग से करीब 30 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। पेंट शॉप का बड़ा हिस्सा पूरी तरह जलकर राख हो गया।
आग लगने के कारणों की अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच जारी है और कंपनी के अधिकारी तथा सरकारी टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। यह घटना अशोक लीलैंड के अलवर प्लांट में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आग की घटनाओं में से एक मानी जा रही है, हालांकि इसमें किसी की जान नहीं गई।