बालोतरा के टापरा गांव में दर्दनाक हादसा: ससुराल के उत्पीड़न से तंग आकर महिला ने 3 मासूम बच्चों संग तोड़ा दम, पनोतरी नाड़ी के टांके में कूदी
बालोतरा (राजस्थान), 23 अक्टूबर 2025: राजस्थान के बालोतरा जिले के टापरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां की एक महिला, जो ससुराल पक्ष के लगातार उत्पीड़न से आहत थी, ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली। घटना देर रात पनोतरी नाड़ी के टांके में घटी, जहां महिला ने बच्चों को गोद में लिये हुए पानी में छलांग लगा दी। यह हृदयविदारक कदम लगभग 10 दिनों से चली आ रही पारिवारिक कलह का परिणाम माना जा रहा है, जिसमें महिला अपने सास के साथ खेतों पर रहने को मजबूर हो गई थी।
घटना का पूरा विवरण
मृतका महिला का नाम ममता पत्नी अणदाराम पटेल बताया जा रहा है। वह मूल रूप से बालोतरा के टापरा गांव की निवासी थी और कुछ वर्ष पूर्व शादी के पंरांत टापरा गांव में ससुराल आ बसी थी। पक्ष द्वारा दहेज की मांग और घरेलू हिंसा के कारण दंपति के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा था। पति खेतों पर मजदूरी करता था, जबकि महिला घरेलू कामकाज संभालती थी। हाल ही में पारिवारिक झगड़ों के चलते महिला अपने तीनों बच्चों नवीन(7), रुगाराम(4), ओर 6 माह की बेटी मानवी के साथ सास के घर चली गई थी।लगभग 10 दिनों से वह सास के साथ खेतों पर ही रह रही थी। सास के साथ रहते हुए भी उसे मानसिक शांति नहीं मिली, ससुराल पक्ष के सदस्यों द्वारा लगातार अपमान और ताने मारने से महला अवसादग्रस्त हो गई थी। मंगलवार की देर रात, जब गांव में सन्नाटा छा गया था, महिला ने अपने बच्चों को उठाया और पनोतरी नाड़ी की ओर चल पड़ी। नाड़ी के गहरे टांके पर पहुंचकर उसने बिना किसी को बताए पानी में कूद ली। सुबह होते ही ग्रामीणों ने शवों को देखा और चीख-पुकार मच गई।स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। बालोतरा थाने की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकाल लिया। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया कि यह एक सुनियोजित आत्महत्या का मामला है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बालोतरा अस्पताल भेज दिया गया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और उत्पीड़न की कहानी :परिवार के सदस्यों से बातचीत में पता चला कि महिला का वैवाहिक जीवन शुरू से ही कष्टमय रहा। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग की जाती रही, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच अनबन बढ़ती गई। पति अक्सर नशे की लत में घरेलू हिंसा करता था, जबकि सास और अन्य रिश्तेदार ताने मारते थे। 10 दिन पूर्व एक बड़े झगड़े के बाद महिला बच्चों संग सास के खेत पर शरण लेने चली गई। यहां भी सास के व्यवहार से वह तंग आ गई।"वह अक्सर रोती हुई दिखाई देती थी। कल रात वह बच्चों को सुलाकर चली गई, किसी को शक न हुआ।"तीनों बच्चे बेहद मासूम थे— सबसे बड़ी बेटी मात्र 5 वर्ष की, मध्य बेटी 3 वर्ष की और सबसे छोटा बेटा 1 वर्ष का। इनकी मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। महिला बहुत मेहनती और बच्चों से बेहद स्नेह करने वाली थी।
पुलिस कार्रवाई और जांच :बालोतरा एसएचओ ने बताया कि मामला आत्महत्या का दर्ज किया गया है। हालांकि, ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के आरोप लगने पर धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 498ए (पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता) के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पंचायत स्तर पर भी जांच शुरू हो गई है।
"ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रखें।"मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ महिलाओं ने कहा, "यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है। दहेज और हिंसा के खिलाफ सख्त कानून लागू होने चाहिए।"