सुरते की बेरी धोरीमन्ना के पास प्राइवेट बस में घुसी कार, दो हैंडीक्राफ्ट व्यापारियों की दर्दनाक मौत: गाय को बचाने के चक्कर में गलत साइड पर आकर हुई भयंकर टक्कर, शव बुरी तरह फंसे
सूरतें के बेरी धोरीमन्ना रोड पर शुक्रवार दोपहर एक प्राइवेट बस और कार की भीषण टक्कर में दो हैंडीक्राफ्ट व्यापारियों, रमेश और हितेश की मौत हो गई। कार चालक ने गाय को बचाने के लिए गलत साइड में वाहन मोड़ा, जिससे बस से टक्कर हुई। शव कार में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें फायर ब्रिगेड ने निकाला। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आवारा पशुओं की समस्या पर सवाल उठे।
24 अक्टूबर 2025: बाड़मेर से गुजरात NH 68 पर गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में दो हैंडीक्राफ्ट व्यापारियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना धोरीमन्ना रोड पर हुई, जहां एक प्राइवेट बस और एक कार के बीच जबरदस्त टक्कर मारने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार चालक ने सड़क पर अचानक आई एक गाय को बचाने के प्रयास में गलत साइड पर वाहन मोड़ लिया, जिससे बस के सामने आ गया। इस हादसे में कार के अंदर फंसे शवों को निकालने में फायर ब्रिगेड को करीब एक घंटे का समय लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण: दुर्घटना गुरुवार शाम करीब 8 बजे धोरीमन्ना रोड NH 68 पर हुई। मृतकों में शामिल थे 32 वर्षीय रमेश पुत्र शंकर निवासी सोंगाड़ा जिला थराद और 32 वर्षीय हितेश पुत्र रसिक भाई निवासी पालनपुर गुजरात, दोनों ही सुरत के वराछा क्षेत्र में हैंडीक्राफ्ट आइटम्स के व्यापारी थे। दोनों व्यापारी अपनी कार से वराछा के एक होलसेल मार्केट से सामान खरीदकर लौट रहे थे। वे रिंग रोड की ओर जा रहे थे जब सड़क पर अचानक एक आवारा गाय सामने आ गई।कार चालक रमेश ने गाय को बचाने के लिए तेजी से ब्रेक लगाया और वाहन को बाएं तरफ मोड़ लिया, लेकिन व्यस्त सड़क होने के कारण वे गलत लेन (रॉन्ग साइड) में चले गए। तभी विपरीत दिशा से आ रही एक प्राइवेट वॉल्वो बस उनके ठीक सामने आ गई। बस चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार अधिक होने से टक्कर टल न सकी। बस की अगली टक्कर कार के ड्राइवर साइड पर पड़ी, जिससे कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चूर-चूर हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का इंजन और डैशबोर्ड बुरी तरह फंस गया, और दोनों यात्रियों के शव कार के अंदर ही बुरी तरह जकड़ गए। हादसे के बाद सड़क पर करीब 500 मीटर तक जाम लग गया, और राहगीरों ने बस चालक को पकड़ लिया। बस में सवार 25 यात्री बाल-बाल बच गए, लेकिन बस का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने बताया कि वह अंकलेश्वर से सूरत आ रहा था और स्पीड लिमिट के अंदर ही था।
बचाव कार्य और पुलिस कार्रवाई: सूचना मिलते ही स्थानीय धोरीमन्ना पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की एक यूनिट को बुलाया गया, जिन्होंने कटिंग मशीन और हाइड्रोलिक क्रेन का इस्तेमाल कर कार के मलबे को हटाया। शव निकालने में करीब 50 मिनट लग गए, क्योंकि धातु के टुकड़े यात्रियों के शरीर में बुरी तरह फंस चुके थे। डॉक्टरों ने मौके पर ही मृत घोषित कर दिया। शवों को धोरीमन्ना अस्पताल में रखवाया गया है
जहां पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।