RLP युवा नेता थान सिंह डोली की गोपाराम मेघवाल से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल,स्टिंग ऑपरेशन के बाद कांग्रेस पर दबाव.

आरएलपी के युवा नेता थान सिंह डोली, जो अपनी शानदार शादी के लिए चर्चित हुए थे, ने कांग्रेस के पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल से मुलाकात की। यह मुलाकात दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के ठीक बाद हुई, जिसमें भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा और कांग्रेस विधायक सहित कुछ विधायकों पर विधायक निधि में कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगे। इस घटनाक्रम से राजस्थान की राजनीति में पंचायती राज चुनावों से पहले आरएलपी-कांग्रेस गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं और कांग्रेस पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

Dec 15, 2025 - 10:10
RLP युवा नेता थान सिंह डोली की गोपाराम मेघवाल से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल,स्टिंग ऑपरेशन के बाद कांग्रेस पर दबाव.

बाड़मेर, 15 दिसंबर 2025: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों और पार्टियों के बीच संभावित गठबंधनों की अफवाहें जोर पकड़ रही हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के उभरते युवा नेता थान सिंह डोली, जो हाल ही में अपनी शादी के भव्य आयोजन के कारण चर्चा में आए थे, ने अब कांग्रेस के पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल से मुलाकात कर राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन ने विधायक निधि (एमएलए एलएडी फंड) में कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों को उजागर किया है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और एक निर्दलीय विधायक फंसे हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल प्रभावित दलों पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले गठबंधन की संभावनाओं को लेकर भी अटकलें तेज कर दी हैं।

थान सिंह डोली: शादी से सियासत तक का सफर

थान सिंह डोली, बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी क्षेत्र से आरएलपी के प्रमुख युवा चेहरे के रूप में उभर चुके हैं। नवंबर 2025 में हुई उनकी शादी ने पूरे राजस्थान में सुर्खियां बटोरीं। पारंपरिक 'डोली' समारोह में 500 से अधिक आइटमों की भव्य सजावट की गई, जिसमें शेरों की थीम पर आधारित डेकोरेशन ने खासा ध्यान खींचा। अनुमान के मुताबिक, एक लाख से अधिक लोग इस आयोजन में आशीर्वाद देने पहुंचे, जिसमें आरएलपी के वरिष्ठ नेता हनुमान बेनिवाल समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। यह शादी न केवल सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनी, बल्कि डोली के राजनीतिक भविष्य को भी मजबूत करने का माध्यम साबित हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और फोटोज ने उन्हें 'युवा शेर' का टैग दे दिया, जो आरएलपी की युवा ब्रिगेड को मजबूत करने का संकेत देता है।डोली ने हाल के दिनों में किसान आंदोलनों और स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। अगस्त 2025 में गुड़ामालानी में एक किसान आंदोलन के दौरान उनकी गिरफ्तारी और बाद में रिहाई ने उन्हें जमीनी स्तर पर और मजबूत कर दिया। उन्होंने प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए खुला अल्टीमेटम भी दिया था, जिससे उनकी सियासी पहचान और पुख्ता हुई। 

गोपाराम मेघवाल से मुलाकात: गठबंधन की आहट?

रविवार (14 दिसंबर) को बाड़मेर में थान सिंह डोली और कांग्रेस के पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। गोपाराम मेघवाल, जो लंबे समय से कांग्रेस के मजबूत स्तंभ रहे हैं, ने डोली से गर्मजोशी भरी बातचीत की। वीडियो फुटेज में दोनों नेता एक-दूसरे के साथ हाथ मिलाते और मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह मुलाकात बाड़मेर की राजनीति में 'दुश्मनी से दोस्ती' का संकेत दे रही है, जहां कभी विचारधाराओं के टकराव के कारण टकराव होता था।  

सियासी जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात आगामी पंचायती राज चुनावों को ध्यान में रखते हुए आरएलपी और कांग्रेस के बीच संभावित तालमेल की दिशा में कदम हो सकती है। आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनिवाल की पार्टी पहले भी विपक्षी दलों के साथ गठजोड़ कर चुकी है, और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में जाट-मेघवाल समुदायों की एकजुटता महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, दोनों पक्षों ने अभी किसी औपचारिक बयान से इनकार किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह चर्चा का विषय बन चुका है। एक पोस्ट में लिखा गया, "जहां कभी दिल नहीं मिलते थे, वहां आज हाथ मिलने लग गए हैं।" 

स्टिंग ऑपरेशन का झटका: विधायक निधि में कमीशनखोरी उजागर

इस मुलाकात का संदर्भ दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ता है, जो शनिवार (13 दिसंबर) को प्रकाशित हुआ। इस जांच में विधायकों द्वारा एमएलए फंड से विकास कार्यों के लिए कमीशन मांगने के वीडियो सामने आए, जिसने पूरे राजस्थान की सियासत को हिला दिया। स्टिंग में फंसे प्रमुख नाम इस प्रकार हैं: 

भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा (खींवसर): स्टिंग में कैमरे पर उन्होंने 50 लाख के काम के बदले 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की। रिपोर्टर को 10 लाख रुपये एडवांस के रूप में लेते हुए उन्होंने कहा, "अधिकारियों को थोड़ा-थोड़ा दे देना।" बाद में डांगा ने सफाई दी कि "वह व्यक्ति जबरदस्ती पैसे देने की कोशिश कर रहा था।"

कांग्रेस विधायक अनीता जाटव (हिंडौन): उन्होंने 50 हजार रुपये टोकन मनी स्वीकार की और 80 लाख रुपये के विकास कार्य की अनुशंसा का लेटर जारी कर दिया। उनके करीबी पवन शर्मा ने विधायक के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज सौंपा।

निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत (बयाना): उन्होंने भी कमीशन की डील की, लेकिन विवरण सीमित हैं।

इस स्टिंग के बाद राजस्थान सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। भाजपा ने डांगा को शो-कॉज नोटिस थमा दिया है, जिसमें तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है।  कांग्रेस ने भी अनीता जाटव को नोटिस जारी किया है। आरएलपी नेता हनुमान बेनिवाल ने इसे "शर्मनाक" बताते हुए कहा कि यह विधायकों की नैतिकता पर सवाल उठाता है।  

सियासी गलियारों में क्या संकेत?

यह स्टिंग ऑपरेशन न केवल प्रभावित विधायकों के करियर पर संकट ला रहा है, बल्कि कांग्रेस जैसी पार्टियों पर भी दबाव बना रहा है, जो पहले से ही आंतरिक कलह से जूझ रही हैं। गोपाराम मेघवाल जैसे पूर्व विधायकों की सक्रियता और थान सिंह डोली जैसे युवाओं से निकटता को कांग्रेस के लिए "चेतावनी" या "नई रणनीति" के रूप में देखा जा रहा है।  

विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायती राज चुनावों से पहले आरएलपी का कांग्रेस की ओर झुकाव भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।कुल मिलाकर, थान सिंह डोली की यह यात्रा—शादी की चमक से सियासी गलियारों की चमक तक—राजस्थान की राजनीति को नया आयाम दे रही है। आने वाले दिनों में इन घटनाओं के और खुलासे हो सकते हैं, जो राज्य की सत्ता संतुलन को प्रभावित करेंगे। विकास की आड़ में भ्रष्टाचार के इन आरोपों ने जनता में आक्रोश पैदा किया है, और पार्टियां अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर हैं।