बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र में दर्दनाक हादसा: कपड़ा फैक्ट्री के स्लज टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत, जहरीली गैस से दम घुटा – जांच शुरू, परिजन रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे
बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र की कपड़ा फैक्ट्री में स्लज टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की जहरीली गैस से मौत। बिना सुरक्षा उपकरण के काम करने से हादसा हुआ। परिजन अस्पताल पहुंचे, प्रशासन जांच में जुटा। मजदूर सुरक्षा पर सवाल।
बालोतरा (बारमेर), 13 मार्च 2026: राजस्थान के बालोतरा जिले के औद्योगिक क्षेत्र में आज सुबह एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक कपड़ा प्रोसेसिंग फैक्ट्री के स्लज टैंक (स्लज टैंक या अपशिष्ट जल संग्रह टैंक) की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई। मौत का कारण जहरीली गैस से दम घुटना बताया जा रहा है। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि जिला अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। रोते-बिलखते परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस, प्रशासन और फैक्ट्री मालिक की टीम जांच में जुटी हुई है।
घटना बालोतरा के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री में हुई। बताया जा रहा है कि तीन मजदूर टैंक की सफाई का काम कर रहे थे। टैंक में कपड़ा रंगाई और प्रोसेसिंग से निकलने वाला स्लज (अपशिष्ट गाद) जमा था, जिसमें जहरीली गैसें जैसे हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन या अन्य रासायनिक गैसें भरी हुई थीं। मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण (जैसे गैस मास्क, ऑक्सीजन सप्लाई या हार्नेस) के टैंक में उतरे थे। एक मजदूर के बेहोश होने पर बाकी दो ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीएम, डीएसपी और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। मृतकों के शवों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कई परिजन चिल्ला रहे थे और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने अस्पताल में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए ताकि कोई अफरा-तफरी न फैले।
बालोतरा पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री मालिक से पूछताछ की जा रही है कि मजदूरों को सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं दिए गए। स्लज टैंक में गैस की मौजूदगी की जांच के लिए विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का सटीक कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल यह हादसा लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा माना जा रहा है।
बालोतरा राजस्थान का प्रमुख टेक्सटाइल हब है, जहां सैकड़ों कपड़ा फैक्ट्रियां चल रही हैं। यहां रंगाई, प्रिंटिंग और प्रोसेसिंग से निकलने वाला अपशिष्ट जल और स्लज पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है। कई फैक्ट्रियां ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का ठीक से इस्तेमाल नहीं करतीं, जिससे टैंकों में जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं। ऐसे हादसे पहले भी हो चुके हैं – जैसे गुजरात के सूरत, अहमदाबाद और तमिलनाडु के तिरुपुर में इसी तरह के टैंक सफाई हादसों में मजदूर मारे गए। राजस्थान में भी बीकानेर, पाली और जयपुर में सेप्टिक/स्लज टैंक हादसे आम हैं, जहां बिना सुरक्षा के मजदूर उतार दिए जाते हैं।
यह हादसा मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। श्रम कानूनों के तहत टैंक सफाई के लिए गैस डिटेक्टर, वेंटिलेशन, रेस्क्यू टीम और पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) अनिवार्य हैं, लेकिन ज्यादातर छोटी-मध्यम फैक्ट्रियां इनका पालन नहीं करतीं। परिजनों ने मुआवजे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नेता और यूनियनों ने भी सरकार से सख्त नियम लागू करने की अपील की है।
प्रशासन ने फैक्ट्री को सील करने और जांच पूरी होने तक काम रोकने का फैसला किया है। बालोतरा एसडीएम ने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।” पुलिस ने आईपीसी की धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया है।यह घटना बालोतरा के टेक्सटाइल उद्योग में काम करने वाले हजारों मजदूरों के लिए चेतावनी है। अगर सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो ऐसे हादसे जारी रहेंगे। सरकार और फैक्ट्री मालिकों को मिलकर मजदूरों की जान बचाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।