9 साल के मासूम की पलकें फेवीक्विक से चिपक गईं: स्कूल में खेलते वक्त हुआ हादसा, मामला गंभीर – उदयपुर रेफर

बांसवाड़ा के सरकारी स्कूल में खेलते हुए 9 साल के मासूम राधेश्याम की आंखों में फेवीक्विक लग गई, मसलने से दोनों पलकें मजबूती से चिपक गईं। दर्द से चिल्लाने पर स्कूल ने सूचना दी, स्थानीय अस्पताल से उदयपुर रेफर। डॉक्टरों ने बताया मामला गंभीर, केमिकल से पलकें पूरी तरह बंद।

Feb 3, 2026 - 07:49
9 साल के मासूम की पलकें फेवीक्विक से चिपक गईं: स्कूल में खेलते वक्त हुआ हादसा, मामला गंभीर – उदयपुर रेफर

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां 9 साल के एक निर्दोष बच्चे की दोनों पलकें फेवीक्विक (FeviKwik) से मजबूती से चिपक गईं। यह घटना सोमवार दोपहर कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के बावलिया पाड़ा गांव स्थित सरकारी स्कूल में हुई, जहां तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला मासूम राधेश्याम पुत्र देवीसिंह अपने साथी बच्चों के साथ खेल रहा था।

घटना के अनुसार, खेल-खेल में अचानक फेवीक्विक गलती से बच्चे की आंखों पर जा लगी। बच्चे ने बिना सोचे-समझे अपनी आंखों को मल दिया, जिससे गोंद दोनों पलकों पर फैल गई और कुछ ही पलों में पलकें इतनी मजबूती से चिपक गईं कि खुलना बंद हो गईं। बच्चा दर्द से चिल्लाने लगा, जिस पर स्कूल स्टाफ ने उसे तुरंत संभाला और उसके परिजनों को सूचना दी।

परिजनों ने बताया कि राधेश्याम गांव के सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र है। देवीसिंह (पिता) ने कहा, "बच्चे खेल रहे थे, तभी फेवीक्विक आंखों पर लग गई। उसने आंखें मलीं, जिससे गोंद फैल गई और पलकें बंद हो गईं। स्कूल से सूचना मिलते ही हम उसे कुशलगढ़ अस्पताल ले गए, लेकिन वहां से महात्मा गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां नेत्र ऑपरेशन की सुविधा न होने पर अंततः उदयपुर के बड़े अस्पताल रेफर किया गया।"

महात्मा गांधी अस्पताल के डॉक्टर केरवी मेहता ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि फेवीक्विक के केमिकल की वजह से बच्चे की दोनों पलकें पूरी तरह चिपक चुकी थीं। बच्चे के दर्द और स्थिति को देखते हुए तत्काल उदयपुर रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों द्वारा उचित इलाज संभव हो सके। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला काफी गंभीर है क्योंकि ऐसे केमिकल गोंद आंखों की नाजुक त्वचा और पलकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे दृष्टि संबंधी जटिलताएं भी हो सकती हैं।

यह घटना एक बार फिर से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और पर्यवेक्षण की कमी को उजागर करती है। फेवीक्विक जैसी तेज चिपकने वाली चीजें बच्चों की पहुंच से दूर रखना जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल बच्चे का इलाज उदयपुर में चल रहा है और परिजन उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। स्थानीय लोग भी इस हादसे से काफी आहत हैं और स्कूल प्रशासन से बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.