बालोतरा: अवैध हथियार तस्करी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, 8 जिंदा कारतूस बरामद; सप्लायर जोधपुर से डिटेन, पूछताछ जारी
बालोतरा जिले की समदड़ी पुलिस ने ऑपरेशन वज्र प्रहार के तहत अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी रविंद्र सिंह से 8 जिंदा कारतूस बरामद हुए, जबकि सप्लायर सदाम खान (हिस्ट्रीशीटर) को जोधपुर से पकड़ा गया। दोनों से पूछताछ जारी है।
राजस्थान के बालोतरा जिले में समदड़ी पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत की गई, जिसमें अवैध हथियारों की तस्करी और खरीद-फरोख्त पर नकेल कसने का प्रयास किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है, जबकि मुख्य आरोपी पहले से ही अवैध हथियारों के मामलों में वांटेड था। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।
घटना की शुरुआत और पहली गिरफ्तारी पुलिस को 22 दिसंबर 2025 को गुप्त सूचना मिली थी कि समदड़ी क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी हो रही है। सूचना के अनुसार, तीन पिस्तौल तस्करी के एक पुराने मामले में वांटेड आरोपी रेवत सिंह उर्फ रविंद्र सिंह (उम्र 25 वर्ष), पुत्र गिरधारी सिंह, निवासी तखतगढ़ (पाली) करमावास फांटा से मजल की ओर पैदल जा रहा है।इस सूचना पर समदड़ी पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई और करमावास फांटा से आगे पहुंच गई। सेवाली रोड के पास तीन रास्तों पर पुलिस को एक व्यक्ति पैदल जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस की गाड़ी देखते ही वह व्यक्ति बबूल की झाड़ियों में भागने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी की और व्यक्ति को पकड़ लिया।पूछताछ में युवक ने अपना नाम रविंद्र सिंह बताया और स्वीकार किया कि वह अवैध हथियार रखने की वजह से भाग रहा था। उसके पास से प्लास्टिक की थैली में बंधे 7.65 एमएम के 8 जिंदा आर्म्स कारतूस बरामद हुए। रविंद्र सिंह को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि उसके खिलाफ पहले से ही आर्म्स एक्ट सहित तीन मामले दर्ज हैं, जो पाली, जालोर और बालोतरा में पंजीकृत हैं। वह अवैध हथियारों की तस्करी में लंबे समय से वांटेड चल रहा था।
सप्लायर की गिरफ्तारी और हिस्ट्रीशीटर का खुलासा गिरफ्तारी के बाद रविंद्र सिंह को पुलिस रिमांड पर लिया गया और उससे गहन पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ में रविंद्र ने खुलासा किया कि ये कारतूस उसे सदाम खान पुत्र अब्दुल खान, निवासी नोसरा (जालोर) ने सप्लाई किए थे।इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता और गुप्त सूचनाओं का उपयोग करते हुए सदाम खान को जोधपुर से डिटेन किया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। सदाम खान जालोर के नोसरा थाने का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कुल 5 मामले दर्ज हैं, जो जालोर और जोधपुर ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत हैं।पुलिस दोनों आरोपियों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन और संभावित अन्य साथियों के बारे में विस्तार से पूछताछ कर रही है। यह कार्रवाई अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने और क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।