शैतान की छाया में मासूम की नृशंस हत्या: जोधपुर में 4 'जल्लाद' मौसियों का खौफनाक कबूलनामा, शादी न होने की जलन में भांजे को कुचला!

जोधपुर के नेहरू कॉलोनी में 4 अविवाहित मौसियों ने अपने 17 दिन के मासूम भांजे प्रत्युश सांसी की जलन और अंधविश्वास के चलते नृशंस हत्या कर दी। बच्चे को गला दबाकर, हाथ-पैर तोड़कर और फर्श पर पटक-पटककर मारा गया। हत्या के बाद तंत्र-मंत्र का वीडियो बनाया और दावा किया कि “शैतान ने मारा”। पुलिस के पास लाइव हत्या का वीडियो सबूत है। चारों आरोपी मौसियाँ (मंजू, गीता, ममता, रामेश्वरी) गिरफ्तार, कोर्ट ने 4-4 दिन की रिमांड दी। मुख्य वजह: मौसियों की शादी न होना और सुमन (मां) का ससुराल जाना उनमें जलन पैदा करता था।

Nov 18, 2025 - 10:25
शैतान की छाया में मासूम की नृशंस हत्या: जोधपुर में 4 'जल्लाद' मौसियों का खौफनाक कबूलनामा, शादी न होने की जलन में भांजे को कुचला!

जोधपुर, 18 नवंबर 2025: राजस्थान के जोधपुर शहर में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है, जहां चार बहनों ने अपने ही 17-दिन के मासूम भांजे की क्रूरता से हत्या कर दी। अंधविश्वास की काली परतों में लिपटी यह वारदात न सिर्फ परिवार की आपसी जलन को उजागर करती है, बल्कि समाज में व्याप्त तंत्र-मंत्र के जहर को भी सामने लाती है। आरोपी मौसियां पूछताछ के दौरान 'शैतान' का नाम ले रही हैं और दावा कर रही हैं कि 'भूत' ने ही बच्चे को मारा, लेकिन पुलिस के पास लाइव वीडियो सबूत मौजूद हैं जो उनकी पोल खोल देते हैं। अदालत ने चारों को चार-चार दिन की रिमांड पर भेज दिया है, और जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि शादी न होने की हताशा ने इन्हें 'बलि' देने जैसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। आइए, इस घटना की पूरी सच्चाई को विस्तार से समझते हैं।

घटना का खौफनाक विवरण: पटक-पटककर कुचला गया मासूम

जोधपुर के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र अंतर्गत बग्गी खाना रोड पर स्थित नेहरू कॉलोनी (पांच बत्ती इलाके में) में यह दिल दहलाने वाली घटना घटी। मृतक नवजात प्रत्युश सांसी का जन्म 31 अक्टूबर 2025 को हुआ था, और मात्र 17 दिनों बाद, 16 नवंबर की रात को उसकी जिंदगी हमेशा के लिए थम गई। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी मौसियों ने बच्चे का मुंह-गला दबाकर, हाथ-पैर तोड़े, बाल नोचे और फर्श पर पटक-पटककर हत्या कर दी। यह सब इतनी बेरहमी से किया गया कि शव पर गहरे निशान और चोटें साफ दिखाई दे रही थीं।परिवार के सदस्यों के अनुसार, घटना के वक्त घर में चीखने-चिल्लाने की आवाजें गूंज रही थीं। मृतक की मां सुमन सांसी ने बताया कि वह थोड़ी देर के लिए बाहर गई थीं, और लौटने पर उनका बेटा गायब था। जब खोजबीन की गई, तो आरोपी मौसियों ने बच्चे को 'भूत लग गया' बताकर बहकाने की कोशिश की। लेकिन सच्चाई यह थी कि हत्या के ठीक बाद उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें तंत्र-मंत्र जैसी अंधविश्वासी क्रियाएं दिखाई गईं—जैसे मंत्र पढ़ना, काले जादू के संकेत और शैतान का जिक्र। यह वीडियो पुलिस के पास है, जो घटना को 'लाइव हत्या' का ठोस सबूत बन गया है। पिता पूनाराम सांसी ने रोते हुए कहा, "मेरी चार सालियां कुंवारी हैं, उनकी शादी नहीं हो रही। जलन में उन्होंने मेरे बेटे को कुचल दिया। पहले हत्या की, फिर कानून से बचने के लिए यह नाटक रचा।"

आरोपी कौन? परिवार की कड़वी सच्चाई

आरोपी चारों महिलाएं नेहरू कॉलोनी की रहने वाली सांसी परिवार की हैं, जो गरीबी और आपसी कलह से जूझ रहा है। इनके नाम और उम्र इस प्रकार हैं:

मंजू (22 वर्ष): हीरालाल सांसी की पुत्री, अविवाहित। 

गीता (25 वर्ष): हीरालाल की बड़ी बेटी, अविवाहित।

ममता (22 वर्ष): हीरालाल की दूसरी बेटी, अविवाहित।

रामेश्वरी (27 वर्ष): मूलतः गुजरावास सांसी बस्ती की, हाल नेहरू कॉलोनी में रहने वाली, राजूराम सांसी की पत्नी लेकिन वैवाहिक कलह के कारण मायके में सपरिवार रह रही।

परिवार का मुखिया हीरालाल सांसी दिल्ली एयरफोर्स में कुक हैं। उनके सात बेटियां और एक बेटा है। बेटे की शादी हो चुकी थी, लेकिन तलाक हो गया। दो बेटियों की भी शादी हो चुकी है, लेकिन रामेश्वरी अपनी ससुराल नहीं जातीं। बाकी चारों अविवाहित हैं और घर में लगातार झगड़े होते रहते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि मकान से हमेशा चीख-पुकार की आवाजें आती रहती हैं। सुमन ही एकमात्र हैं जो ससुराल जाती हैं, जिससे बाकी बहनों में जलन पैदा हो गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इनकी शादी न होने की हताशा ने अंधविश्वास को जन्म दिया—उन्हें लगा कि 'बलि' देकर उनकी कुंडली दोष दूर हो जाएगा।

पुलिस जांच: असहयोग और चौंकाने वाले खुलासे

एयरपोर्ट थाना प्रभारी रामकृष्ण टांटा के नेतृत्व में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। 17 नवंबर को चारों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में वे तंत्र-मंत्र की आड़ ले रही हैं—कह रही हैं, "हमें भूत लग गया था, शैतान ने बच्चे को मारा। हमने तो कुछ नहीं किया।" लेकिन पुलिस इसे जानबूझकर असहयोग मान रही है। वीडियो सबूत के अलावा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई है: गला दबाना, हाथ-पैर तोड़ना और पटकना साफ दिखा।रविवार (17 नवंबर) को अदालत में पेशी हुई, जहां जज ने चारों को चार-चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अगली पेशी 20 नवंबर को होगी। पुलिस ने मृतक के मां-बाप सुमन और पूनाराम के बयान दर्ज किए हैं, जो हत्या के आरोपों की पुष्टि करते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी परिवार में झगड़े कर चुकी हैं, और अंधविश्वास का शिकार होकर स्थानीय तांत्रिकों से सलाह लेती रहीं। थानाधिकारी टांटा ने कहा, "यह अंधविश्वास का काला चेहरा है। हम हर कोण से जांच कर रहे हैं, ताकि सच्चाई पूरी तरह उजागर हो।"  

समाज पर सवाल: अंधविश्वास की बलि चढ़ रहा बचपन?

यह घटना राजस्थान में व्याप्त अंधविश्वास की गहरी जड़ों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी, शिक्षा की कमी और सामाजिक दबाव शादियों में बाधा बनते हैं, जिससे लोग तंत्र-मंत्र के जाल में फंस जाते हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) जैसी संस्थाएं पहले भी ऐसी घटनाओं पर चिंता जता चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने अब जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि परिवारों को सलाह दी जाए कि कुंडली दोष जैसी बातों पर विश्वास न करें।यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। क्या हम मासूमों को बचाने के लिए अंधविश्वास के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे? पुलिस जांच जारी है, और उम्मीद है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।