बंगाल में पायलट का पावर शो: ममता के गढ़ में 24 घंटे में 5 सभाएं और रोड शो, बंगाल की सियासत में बढ़ी हलचल

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में ताबड़तोड़ प्रचार करते हुए 24 घंटे में 5 जनसभाएं और एक रोड शो किया। ममता बनर्जी के गढ़ में उनके इस शक्ति प्रदर्शन ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

Apr 22, 2026 - 13:03
बंगाल में पायलट का पावर शो: ममता के गढ़ में 24 घंटे में 5 सभाएं और रोड शो, बंगाल की सियासत में बढ़ी हलचल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस ने अपने सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक सचिन पायलट को मैदान में उतारकर चुनावी रणनीति को आक्रामक मोड में ला दिया है। पायलट ने महज 24 घंटे के भीतर जिस तरह से 5 बड़ी जनसभाएं और एक भव्य रोड शो किया, उसने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने पश्चिम बंगाल की तपती गर्मी में लगातार प्रचार कर यह संकेत दिया कि कांग्रेस इस बार चुनाव को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। उनका यह दौरा न केवल कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा का स्रोत बना, बल्कि विरोधी दलों के लिए भी एक मजबूत संदेश बनकर उभरा।

मुर्शिदाबाद से बर्धमान तक: पायलट का ‘मैराथन प्रचार’

पायलट का दिन बेहद व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने सुबह से लेकर शाम तक कई जिलों में जाकर कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में माहौल तैयार किया।

मुर्शिदाबाद के बहरामपुर में उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के समर्थन में विशाल रोड शो किया। इस रोड शो में उमड़ी भीड़ ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।

इसके बाद लालगोला में आयोजित जनसभा में पायलट ने तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों की राजनीति ने बंगाल के विकास को बाधित किया है।

मालदा के इंग्लिश बाजार और सुजापुर में भी उन्होंने सभाएं कीं, जहां उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है।

बीरभूम के हंसन और पश्चिम बर्धमान के कुल्टी में भी पायलट ने बड़ी सभाओं को संबोधित किया और कार्यकर्ताओं में जोश भरा। दिन के अंत तक उनका प्रचार अभियान एक ‘राजनीतिक मैराथन’ जैसा नजर आया।

TMC और BJP पर सीधा हमला

प्रचार के दौरान सचिन पायलट ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार दोनों को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के बीच लगातार टकराव और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में आम जनता पिस रही है।

पायलट ने कहा कि बंगाल की जनता ने दोनों को कई मौके दिए, लेकिन अब समय है एक नए विकल्प को मौका देने का। उन्होंने कांग्रेस को “जनहित और विकास की राजनीति” का प्रतिनिधि बताया।

राजस्थान मॉडल का जिक्र, बदलाव का संदेश

अपने भाषणों में पायलट ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार के कामकाज और ‘गारंटी मॉडल’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसी तरह के विकास की जरूरत अब बंगाल को भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फोकस रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर है, जो जनता की वास्तविक जरूरतें हैं।

अधीर रंजन के साथ तालमेल बना चर्चा का केंद्र

मुर्शिदाबाद में सचिन पायलट और अधीर रंजन चौधरी की संयुक्त मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींचा। दोनों नेताओं के बीच मजबूत तालमेल और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने कांग्रेस को मजबूती का संकेत दिया।

पायलट ने अधीर रंजन को “बंगाल की मजबूत आवाज” बताते हुए लोगों से उन्हें भारी मतों से जिताने की अपील की।

क्या बदल पाएगी कांग्रेस की किस्मत?

पश्चिम बंगाल में लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता रहा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, सचिन पायलट जैसे युवा और लोकप्रिय नेता के आक्रामक प्रचार से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह जरूर दिख रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह ऊर्जा चुनावी नतीजों में कितनी तब्दील हो पाती है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground