भीड़ में वारदात, CCTV ने खोला ऐसा राज कि पूरा गिरोह बेनकाब…

खाटू श्याम जी मंदिर में चेन स्नैचिंग की एक घटना सीसीटीवी फुटेज की मदद से सामने आई, जिसके बाद महिलाओं के एक समूह की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। यह मामला भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर संगठित चोरी और निगरानी व त्वरित कार्रवाई की अहमियत को दर्शाता है।

Apr 21, 2026 - 13:05
भीड़ में वारदात, CCTV ने खोला ऐसा राज कि पूरा गिरोह बेनकाब…

राजस्थान के Khatu Shyam Ji में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दर्शन के लिए आई एक श्रद्धालु महिला की सोने की चेन भीड़ के बीच से अचानक गायब हो गई। लेकिन इस बार कहानी सिर्फ चोरी पर खत्म नहीं हुई—बल्कि CCTV, सतर्कता और साहस ने मिलकर एक पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। यह घटना हरियाणा के Sirsa से आए एक परिवार के साथ हुई, जिसने बाबा श्याम के दर्शन के लिए यात्रा की थी।

कैसे हुई वारदात?

19 अप्रैल की सुबह करीब 9:24 बजे, परिवार दर्शन के बाद श्याम कुंड की ओर जा रहा था। तभी भीड़ का फायदा उठाकर 5 महिलाओं का एक समूह सक्रिय हुआ और श्रद्धालु महिला की सोने की चेन तोड़ ली।कुछ ही मिनटों में यह घटना भीड़ में सामान्य हलचल की तरह गायब हो गई होती, अगर एक अहम चीज सामने न आई होती—CCTV कैमरे

CCTV ने खोला पूरा राज

घटना का पता चलते ही पीड़ित महिला के बेटे नीरज रोहिल्ला और उनके भाई ने आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली।

फुटेज में साफ दिखा कि 5 महिलाएं सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दे रही थीं।
और सबसे चौंकाने वाली बात—करीब एक घंटे बाद वही महिलाएं दोबारा उसी इलाके में लौट आईं।

यही गलती उनके लिए भारी साबित हुई।

श्रद्धालुओं और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

दुकानदारों की सूचना पर नीरज अपने भाई और होमगार्ड जवानों के साथ मौके पर पहुंचे।
और भीड़ के बीच ही पांचों महिलाओं को पकड़ लिया गया।

इसके बाद सभी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

कौन हैं आरोपी महिलाएं?

पुलिस जांच में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

  • प्रीतौ उर्फ बंती कौर (संगरूर, पंजाब)
  • बलजीत कौर (पटियाला, पंजाब)
  • अंजली (पटियाला, पंजाब)
  • परमजीत कौर उर्फ पम्मी (संगरूर, पंजाब)
  • जितौ कौर उर्फ लीलो (संगरूर, पंजाब)
  • चरणजीत कौर (मलेरकोटला, पंजाब)

जांच अधिकारी राहुल चौधरी के अनुसार यह गिरोह संगठित तरीके से काम करता था।

5 साल से सक्रिय था गिरोह

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह चेन स्नैचिंग गिरोह पिछले लगभग 5 वर्षों से सक्रिय है।

इनका तरीका बेहद सुनियोजित था—

  • भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों को टारगेट करना
  • खासकर रविवार और पीक भीड़ वाले दिन
  • श्रद्धालुओं की लापरवाही का फायदा उठाना

पहले भी इन महिलाओं को हिरासत में लिया गया था, लेकिन ठोस सबूतों की कमी के कारण छोड़ना पड़ा।

जांच और आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि इस गिरोह के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।

श्रद्धा के बीच सतर्कता का संदेश

यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बीच जेबकतरी और स्नैचिंग जैसी घटनाएं संगठित रूप से हो रही हैं।

लेकिन इस बार कहानी का सबसे बड़ा संदेश यह रहा—
सतर्क श्रद्धालु और CCTV मिलकर अपराध को रोक सकते हैं।

निष्कर्ष

खाटूश्यामजी की यह घटना सिर्फ एक चोरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक सबक है—कि भीड़ में भी नजरें अगर सतर्क हों, तो अपराधी ज्यादा देर तक छिप नहीं सकते।

श्रद्धा के बीच हुई इस घटना का अंत इस बार अपराधियों की गिरफ्तारी पर हुआ—और यही इसे आम मामलों से अलग बनाता है।

Web Desk Web Desk The Khatak