महिला आरक्षण को लेकर बड़ा सियासी घमासान: संसद से सड़क तक मचा बवाल, अब देशभर में नए मोर्चे की तैयारी

एक बड़े मुद्दे पर सियासी घमासान तेज है। संसद से शुरू हुआ विवाद अब देशभर में सड़कों पर पहुंच गया है और माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।

Apr 21, 2026 - 09:31
महिला आरक्षण को लेकर बड़ा सियासी घमासान: संसद से सड़क तक मचा बवाल, अब देशभर में नए मोर्चे की तैयारी

देश में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में इस बिल से जुड़े संविधान संशोधन प्रस्ताव पर मचे राजनीतिक विवाद के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए गठबंधन जहां विपक्षी दलों पर हमलावर हैं, वहीं कांग्रेस ने भी देशभर में मोर्चा खोलते हुए बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया है।

महिलाओं के नेतृत्व में देशभर में प्रदर्शन तेज

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में एक खास बात यह देखने को मिल रही है कि हर जगह विरोध और समर्थन दोनों ही अभियानों की कमान महिलाओं के हाथों में है। चाहे पार्टी कार्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस हों या सड़कों पर निकाले जा रहे जनाक्रोश मार्च, महिला नेताओं की सक्रिय भागीदारी सबसे ज्यादा नजर आ रही है। पटना में एनडीए महिला नेताओं ने भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया, जिससे यह मुद्दा और अधिक गरमा गया।

कांग्रेस की देशव्यापी रणनीति

बीजेपी के आरोपों का जवाब देने के लिए कांग्रेस ने एक संगठित रणनीति अपनाई है। पार्टी ने तय किया है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश के 25 प्रमुख शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला नेताओं को आगे रखकर पार्टी अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।

इस अभियान के तहत प्रमुख नेताओं को अलग-अलग शहरों की जिम्मेदारी दी गई है:

चंडीगढ़: कुमारी सैलजा

दिल्ली: शोभा ओझा

जयपुर: अलका लांबा

मुंबई: अमी याग्निक

रायपुर: रंजीता रंजन

अहमदाबाद: रजनी पाटिल

भोपाल: रागिनी नायक

वाराणसी: नेटा डिसूजा

इसके अलावा जिला स्तर पर भी इसी तरह की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी की गई है।

प्रियंका गांधी के संदेश पर फोकस

कांग्रेस ने अपने सभी नेताओं को निर्देश दिया है कि संसद सत्र के दौरान दिए गए प्रियंका गांधी के भाषण और संदेश को व्यापक रूप से जनता तक पहुंचाया जाए। पार्टी का मानना है कि महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर जनता को जागरूक करना जरूरी है।

इससे पहले वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी ऑनलाइन बैठक कर सभी नेताओं को निर्देश दिए, जिसमें सोनिया गांधी के विचारों को भी साझा किया गया।

बीजेपी का पलटवार और सड़क पर प्रदर्शन

दूसरी ओर, बीजेपी ने भी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली, लखनऊ, पटना और बेंगलुरु जैसे शहरों में बीजेपी की महिला नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किए। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी दल महिलाओं को 33% आरक्षण मिलने की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों के संघर्ष के बाद भी महिलाओं को उनका हक पूरी तरह नहीं मिला।

Kashish Sain Bringing truth from the ground