अजमेर में राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती : फिजिकल टेस्ट का दूसरा दिन, ब्यावर जिले के 1100 अभ्यर्थी बुलाए गए
अजमेर में राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट का दूसरा दिन चल रहा है। मंगलवार को ब्यावर जिले के करीब 1100 अभ्यर्थियों को बुलाया गया। कड़ी सुरक्षा, ड्रोन निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता के साथ जीसी-1 मैदान में टेस्ट हो रहे हैं।
अजमेर। राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती-2024 के तहत फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET/PST) सोमवार से अजमेर जोन में शुरू हो चुके हैं। अजमेर, ब्यावर, केकड़ी और टोंक जिलों के अभ्यर्थियों का यह टेस्ट अजमेर के जीसी-1 ग्राउंड (कायड़ विश्रामगृह के पास) में आयोजित किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।पहले दिन 900 में से 733 अभ्यर्थी पहुंचेभर्ती के पहले दिन यानी सोमवार को ब्यावर जिले के 900 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इनमें से 733 अभ्यर्थी ही टेस्ट में शामिल हो पाए। शेष या तो अनुपस्थित रहे या अन्य कारणों से नहीं पहुंच सके।
मंगलवार को फिर ब्यावर जिले का नंबर मंगलवार (9 दिसंबर 2025) को दूसरा दिन है और एक बार फिर ब्यावर जिले के अभ्य 1100 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया है। सुबह से ही अभ्यर्थी ग्राउंड पर पहुंचने लगे। ठंड के बावजूद सैकड़ों युवा सुबह 4 बजे से ही जीसी-1 मैदान के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए थे।अजमेर रेंज के आईजी राजेंद्र सिंह स्वयं भर्ती प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि आज करीब 1100 कैंडिडेट्स को मैसेज और कॉल लेटर के माध्यम से बुलाया गया है। सभी अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद ही फिजिकल टेस्ट कराया जा रहा है।
किले जैसी सुरक्षा व्यवस्था पिछली भर्तियों में हुई गड़बड़ियों और नकल की आशंका को देखते हुए इस बार सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं:ग्राउंड के मुख्य गेट से 1 किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग, बाहरी व्यक्ति को ग्राउंड में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित,मीडिया का भी प्रवेश वर्जित,अभ्यर्थियों के परिजन दूर से दीवार पर बैठकर इंतजार करते नजर आए,पूरे ग्राउंड की ड्रोन से निगरानी,हाई क्वालिटी वीडियो ग्राफी और जियो टैगिंग,सीआरपीएफ और राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त जवान तैनात,ग्रीवांस रीड्रेसल बोर्ड मौके पर मौजूद,
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी और ड्रोन की नजर में हो रही है, ताकि कोई भी शिकायत आने पर तुरंत सबूत उपलब्ध हो सकें।