राजस्थान के झुंझुनूं में खूनी गैंगवार: दो बदमाशों की मौत, फायरिंग के बाद एक आरोपी ने किया सुसाइड, पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खिरोड़ गांव में शुक्रवार सुबह हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा पर हमला हुआ। चार बदमाशों ने फायरिंग की जिसमें रविंद्र का साथी सुनील सुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। भागते हुए एक आरोपी कृष्णकांत पलसाना ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पुलिस ने अन्य तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुरानी गैंग दुश्मनी के चलते हुई इस वारदात से इलाके में दहशत है।
झुंझुनूं, 12 दिसंबर 2025: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज गैंगवार ने इलाके को दहला दिया। नवलगढ़ क्षेत्र के गोठड़ा थाना अंतर्गत खिरोड़ गांव में चार बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा के साथी पर फायरिंग की, जिसमें सुनील सुंडा नामक युवक को गोली लग गई। फायरिंग के बाद भागते हुए एक आरोपी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जबकि सीकर के अस्पताल में इलाज के दौरान सुनील की भी मौत हो गई। इस घटना में कुल दो बदमाशों की जान चली गई। पुलिस ने बाकी तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। यह घटना स्थानीय गैंगवार की पुरानी दुश्मनी का नतीजा मानी जा रही है, जो अब पुलिस के लिए नई चुनौती बन गई है।
घटना का पूरा विवरण: कैसे शुरू हुई खूनी जंग? घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे के आसपास खिरोड़ गांव के एक सुनसान इलाके में घटी। हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा, जो राजस्थान के अपराध जगत में कुख्यात नाम है, अपने साथी सुनील सुंडा के साथ बाइक पर सवार होकर गांव के रास्ते पर जा रहा था। अचानक चार बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में भागने लगे। मुख्य निशाना रविंद्र कटेवा था, लेकिन किस्मत का खेल देखिए कि गोली उसके बजाय सुनील सुंडा को लग गई। सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।फायरिंग करने वाले बदमाशों में से एक कृष्णकांत पलसाना ने भागते हुए खुद को गोली मार ली। बताया जा रहा है कि पुलिस की सायरन की आवाज सुनते ही वह घबरा गया और आत्मसमर्पण करने के बजाय सुसाइड का रास्ता चुन लिया। कृष्णकांत की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी तीन बदमाश – जिनकी पहचान अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है – भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस की तत्परता से कुछ ही घंटों में उन्हें डिटेन कर लिया गया। इन तीनों से पूछताछ जारी है, और पुलिस को शक है कि यह हमला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।घायल सुनील सुंडा को तुरंत नवलगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सीकर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुनील के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि कृष्णकांत का शव भी जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया।
हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा का आपराधिक इतिहास: पुरानी दुश्मनी की जड़ें यह घटना राजस्थान के अपराधी जगत में छिपी गहरी दुश्मनी को उजागर करती है। रविंद्र कटेवा, जो झुंझुनूं और सीकर जिले में हिस्ट्रीशीटर के रूप में जाना जाता है, पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, जबरी वसूली, अवैध हथियार रखना और गैंगवार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, कटेवा एक बड़े अपराधी सिंडिकेट का हिस्सा है, जो स्थानीय स्तर पर दादागिरी और जमीन हड़पने के लिए कुख्यात है। पिछले कुछ वर्षों में उसके खिलाफ कम से कम 15 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस हमले के पीछे कटेवा का एक पुराना प्रतिद्वंद्वी गुट हो सकता है। कृष्णकांत पलसाना और उसके साथी कथित तौर पर उसी गुट से जुड़े थे, जिन्होंने पहले भी कटेवा के खिलाफ साजिश रची थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह गैंगवार की पुरानी जड़ों से जुड़ा मामला लगता है। हमारी टीमें पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।" रविंद्र कटेवा को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, और उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस की कार्रवाई: तीन आरोपी हिरासत में, जांच तेज झुंझुनूं पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही तुरंत एक्शन ले लिया। एसपी (झुंझुनूं) कमल सिंह ने बताया कि फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और खाली कारतूस, ब्लड सैंपल और अन्य साक्ष्य एकत्र किए। तीनों हिरासत में लिए गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि हमलावरों के पास अत्याधुनिक हथियार थे, जो अवैध रूप से जुटाए गए थे।इसके अलावा, जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्थानीय थानों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए। नवलगढ़ और गोठड़ा क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। एसपी ने कहा, "हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी, और सभी शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।"
इलाके में दहशत: ग्रामीणों की मांग, सख्त सुरक्षा उपाय खिरोड़ गांव और आसपास के इलाकों में घटना के बाद दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि गैंगवार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "ये बदमाश हमारे गांव में घूमते रहते हैं। अब तो जान का खतरा लग रहा है। सरकार को कुछ करना चाहिए।" जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। सुनील सुंडा के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।