राजस्थान विधानसभा में जर्जर स्कूल भवनों पर हंगामा: मंत्री मदन दिलावर बोले- सभी जर्जर भवन जमींदोज होंगे, थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य
राजस्थान विधानसभा में हंगामा! नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर साधा निशाना - जर्जर स्कूलों में मंदिर-मुर्गी फार्म चल रहे, बच्चों की जान खतरे में। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर बोले - सभी जर्जर भवन जमींदोज होंगे, थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य, वार्षिक परीक्षा से पहले एक्शन। नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट। शिक्षा में बंटाधार या अब सुधार?
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान जर्जर सरकारी स्कूल भवनों के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रदेश में स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, लेकिन सरकार का कोई ध्यान नहीं है। कई जगहों पर मंदिरों, मुर्गी फार्म और अस्पतालों में स्कूल चलाए जा रहे हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उन सभी को जमींदोज (पूर्ण रूप से ध्वस्त) कर दिया जाएगा और हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। मंत्री ने आगे कहा कि राज्य में लगभग 1800 स्कूल भवन जर्जर हैं। इनकी पहचान के लिए कमेटी काम कर रही है और रिपोर्ट डीईओ (जिला शिक्षा अधिकारी) को भेजी जाती है, जिसके बाद एक माह में निर्णय लिया जाता है।
दिलावर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि अब सभी स्कूल भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्य की थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। पहले केवल 30 करोड़ रुपये तक के भवनों की थर्ड पार्टी ऑडिट होती थी, लेकिन अब पॉलिटेक्निक कॉलेजों के माध्यम से सभी भवनों का ऑडिट होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निर्माण कार्य सही ढंग से हो रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि निर्माण, मरम्मत की समयसीमा तय की जा रही है, ताकि सरकार को याद रहे कि किस भवन को कब जमींदोज करना है।
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री पर चीखते हुए कहा, "जवाब नहीं देना तो हम यहां से चले जाते हैं।" उन्होंने मंत्रियों के बीच बोलने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह बर्ताव ठीक नहीं है। नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
इसके अलावा, प्रश्नकाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ओबीसी स्कॉलरशिप से जुड़े सवाल पर भी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष जूली ने ओबीसी स्कॉलरशिप के आंकड़ों पर नाराजगी जाहिर की और मंत्री के जवाब पर आपत्ति जताई।
एक अन्य मुद्दे पर कांग्रेस राज में घोषित छह रोडवेज डिपो को चालू न करने पर भी जमकर नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक अमित चाचाण ने परिवहन मंत्री पर सवाल उठाए। डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने बिना वित्तीय प्रावधान के केवल खाली घोषणाएं की थीं, इसलिए वे डिपो चालू नहीं हो
सके।