रिफाइनरी से मेट्रो तक श्रेय की जंग तेज! टीकाराम जूली का बड़ा आरोप—किसका है असली विजन? जानिए पूरा मामला
पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन से पहले सियासत गरमा गई है। टीकाराम जूली ने इसे कांग्रेस का विजन बताते हुए भाजपा पर श्रेय लेने का आरोप लगाया। आखिर किसका है असली योगदान? पढ़ें पूरी खबर।
राजस्थान में पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां एक ओर भाजपा इस परियोजना को “गेम चेंजर” बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अपना विजन करार दे रही है।
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो दोनों परियोजनाओं को कांग्रेस की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
श्रेय को लेकर सियासत
जूली ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयानों को भ्रामक बताते हुए कहा कि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सितंबर 2013 में करीब 37,230 करोड़ रुपये की लागत से रिफाइनरी परियोजना शुरू की थी, लेकिन बाद में भाजपा सरकार ने राजनीतिक कारणों से इसे रोक दिया।
देरी से दोगुनी हुई लागत
जूली के अनुसार, परियोजना में देरी के कारण इसकी लागत बढ़कर करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसका सीधा बोझ राज्य की जनता पर पड़ा।
उन्होंने कहा कि अगर काम नहीं रोका जाता, तो यह रिफाइनरी करीब चार साल पहले ही बनकर तैयार हो जाती।
कांग्रेस ने फिर दी रफ्तार
जूली ने दावा किया कि दिसंबर 2018 में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनने के बाद इस परियोजना को फिर से गति दी गई।
2018 से 2023 के बीच बजट आवंटन सुनिश्चित कर निर्माण कार्यों को तेज किया गया, जिससे अब यह परियोजना उद्घाटन के करीब पहुंची है।
जयपुर मेट्रो पर भी आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने जयपुर मेट्रो को भी कांग्रेस का विजन बताते हुए कहा कि भाजपा ने अपने कार्यकाल में इस परियोजना को बार-बार बाधित किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विकास कार्यों को “अटकाने, लटकाने और भटकाने” का काम किया है।
सियासी बयानबाजी तेज
वहीं भाजपा का दावा है कि रिफाइनरी परियोजना की शुरुआत पहले की सरकारों में हुई थी और वर्तमान सरकार ने इसे पूरा कर जनता को समर्पित किया है।
नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले हैं, जिसे लेकर भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है।
रिफाइनरी और मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच श्रेय की यह लड़ाई अब और तेज होती नजर आ रही है।