नागौर-लाडनूं हाईवे पर केमिकल टैंकर पलटा, भीषण आग लगी: ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, 2 किलोमीटर दूर तक दिखीं लपटें, दो घंटे बाद काबू पाया
नागौर-लाडनूं नेशनल हाईवे पर केमिकल से भरा टैंकर पलटने से भीषण आग लग गई। ड्राइवर ने कूदकर जान बचाई, लपटें 2 किमी दूर तक दिखीं। चार दमकलों से दो घंटे बाद आग पर काबू, हाईवे अस्थायी बंद रहा, कोई जनहानि नहीं।
नागौर, 5 मार्च 2026 — राजस्थान के नागौर जिले में बुधवार रात करीब 10 बजे एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें केमिकल से भरा एक टैंकर नागौर-लाडनूं नेशनल हाईवे (NH-458) पर पलट गया और उसमें भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज और विकराल थी कि इसकी लपटें और धुआं करीब 2 किलोमीटर दूर तक साफ दिखाई दे रहा था, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।
हादसा डेह गांव में कुंजल माता मंदिर के पास हुआ। टैंकर गुजरात के गांधीधाम से 30 टन 'एमिके' (Amike) केमिकल लेकर हरियाणा के सोनीपत जा रहा था। सुरपालिया थानाधिकारी सुमन चौधरी के अनुसार, हाईवे पर एक मोड़ पर ड्राइवर ने अचानक सामने से आ रहे एक ट्रेलर को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान टैंकर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। पलटते ही टैंकर में आग भड़क उठी, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।
ड्राइवर की बहादुरी से टली बड़ी त्रासदी
टैंकर का ड्राइवर लुकमान खान (निवासी बाड़मेर) ने समय रहते केबिन का शीशा तोड़कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। उन्होंने घटना के बाद बताया कि सामने से ट्रेलर अचानक ओवरटेक करते हुए सामने आ गया था। उसे बचाने की कोशिश में टैंकर बेकाबू हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय आसपास कोई अन्य वाहन नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था और कई जानें जा सकती थीं।
आग बुझाने में लगे चार दमकल, दो घंटे की मशक्कत
आग की सूचना मिलते ही सुरपालिया थाना पुलिस, नगर परिषद की दमकलें और अन्य राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए चार दमकलों को लगाया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान टैंकर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे को दोनों तरफ से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर छह एम्बुलेंस भी तैनात रखी गईं, हालांकि किसी की जान नहीं गई।
आग बुझने के बाद यातायात धीरे-धीरे बहाल किया गया। प्रशासन ने लोगों को दूर रहने की हिदायत दी थी ताकि कोई अतिरिक्त खतरा न हो। पुलिस जांच कर रही है कि हादसे का सटीक कारण क्या था, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ओवरटेकिंग के दौरान ड्राइवर का संतुलन बिगड़ना मुख्य वजह रहा।