महाराष्ट्र का खतरनाक नकबजनी गैंग पकड़ा, चोरी का सोना बरामद – कई राज्यों में दहशत फैलाने वाले शातिर बदमाशों का पर्दाफाश.
जोधपुर की सूरसागर पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजनी गैंग के 3 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया। ये मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र में सक्रिय थे। कमला नेहरू नगर में 19 अक्टूबर 2025 को हुई चोरी की शिकायत पर कार्रवाई हुई। पुलिस ने आरोपियों से सोने के कीमती जेवरात (नेकलेस, झूमरिया, टॉप्स, अंगूठी, बालियां) बरामद किए। मुख्य आरोपी राजपाल सिंह के खिलाफ पहले से कई केस। अन्य राज्यों में चोरियों के खुलासे की संभावना।
जोधपुर:-सूरसागर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर अपराधियों को धर दबोचा। ये बदमाश मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सक्रिय थे और सूने मकानों को निशाना बनाकर लाखों की चोरी करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी गए कीमती सोने के जेवरात बरामद कर लिए, जबकि आरोपियों के खिलाफ पहले से कई थानों में चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। यह कार्रवाई कमला नेहरू नगर में हुई एक बड़ी चोरी की शिकायत पर शुरू हुई, जो अब अन्य राज्यों की वारदातों तक पहुंच रही है।घटना की शुरुआत 19 अक्टूबर 2025 को हुई, जब कमला नेहरू नगर निवासी मोहम्मद अकरम पुत्र मोहम्मद जफर शाम को घर लौटे। उन्हें मुख्य दरवाजा खुला मिला और अंदर अलमारियां टूटी हुई थीं। अज्ञात चोरों ने घर से सोने-चांदी के आभूषण सहित अन्य कीमती सामान चुरा लिया था। इस पर सूरसागर थाने में मामला दर्ज किया गया – प्रकरण संख्या 247/2025, धारा 331(3) और 305 बीएनएस के तहत। थानाधिकारी हरीशचन्द्र सोलंकी ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की, जिसमें तकनीकी जांच और गोपनीय सूत्रों का सहारा लिया गया।टीम की मेहनत रंग लाई और गहन विश्लेषण के बाद मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र में छिपे नकबजनी गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के माल में से भारी मात्रा में सोने के जेवर बरामद किए, जिनमें शामिल हैं: एक सोने का नेकलेस, एक जोड़ी सोने की झूमरिया, दो जोड़ी सोने के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी और तीन जोड़ी सोने की बालियां। ये जेवरात उसी चोरी की घटना से जुड़े बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:
राजपाल सिंह (25 वर्ष) – पुत्र जोतसिंह, मूल निवासी उमरेटी जिला बरवानी (मध्यप्रदेश), वर्तमान पता सोरापाडा, नंदुरबार (महाराष्ट्र)। यह मुख्य आरोपी है और इसके खिलाफ मध्यप्रदेश में चोरी व नकबजनी के कई पुराने केस दर्ज हैं।
शेर सिंह (23 वर्ष) – पुत्र त्रिलोक सिंह, निवासी उमरेटी जिला बरवानी (मध्यप्रदेश)।
मोहन सिंह (20 वर्ष) – पुत्र नुरबीनसिंह, निवासी उमरेटी जिला बरवानी (मध्यप्रदेश)।
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह पेशेवर अंदाज में काम करता था। ये विभिन्न राज्यों में सूने घरों को टारगेट बनाते और रात के अंधेरे में नकब लगाकर चोरी करते। थानाधिकारी हरीशचन्द्र सोलंकी ने बताया कि आरोपी राजपाल सिंह तो पुराना अपराधी है, जिसके रिकॉर्ड से कई वारदातें जुड़ी हैं। पुलिस अब इनसे सघन पूछताछ कर रही है ताकि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में हुई इसी तरह की चोरियों का खुलासा हो सके। अनुसंधान जारी है और जल्द ही और बड़े खुलासों की उम्मीद है।यह कार्रवाई जोधपुर पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है, जिसने अंतरराज्यीय अपराधियों पर लगाम कसी। पीड़ितों को राहत मिली है, लेकिन पुलिस की चेतावनी है – घर खाली छोड़ते समय सुरक्षा का पूरा इंतजाम करें!