खेतड़ी में सिलेंडर ब्लास्ट एक झटके में उड़ गई दुकान, व्यापारी की दर्दनाक मौत.

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी में एक हार्डवेयर दुकान में गैस सिलेंडर विस्फोट से दुकानदार शंकर सैनी (45) जिंदा जलकर मर गया। धमाका इतना तेज था कि लोहे का शटर 60 फीट और व्यापारी 20 फीट दूर जा गिरा। रात 2 बजे हुई घटना में दुकान पूरी तरह जल गई, पुलिस जांच कर रही है।

Oct 29, 2025 - 13:04
खेतड़ी में सिलेंडर ब्लास्ट एक झटके में उड़ गई दुकान, व्यापारी की दर्दनाक मौत.

झुंझुनूं, 29 अक्टूबर 2025: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी कस्बे में मंगलवार तड़के एक हार्डवेयर दुकान में गैस सिलेंडर के जबरदस्त विस्फोट ने सबको स्तब्ध कर दिया। धमाके की तीव्रता इतनी प्रबल थी कि दुकान का भारी लोहे का शटर 60 फीट दूर उछलकर जा गिरा, जबकि दुकानदार करीब 20 फीट की दूरी तय कर बेहोश हो गया। आग की लपटों ने दुकान को चंद मिनटों में ही राख कर दिया और दर्दनाक हादसे में दुकान मालिक जिंदा जलकर मर गया। यह घटना निजामपुर मोड़ के पास हुई, जहां सुबह करीब 2 बजे अचानक विस्फोट की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई।

घटना की पूरी कड़ियां: रात का सन्नाटा, फिर मौत का तांडव 

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक व्यापारी का नाम शंकर सैनी (उम्र लगभग 45 वर्ष) था। वे खेतड़ी के ही निवासी थे और निजामपुर मोड़ पर अपनी हार्डवेयर दुकान चलाते थे। दुकान में विभिन्न प्रकार के सामान जैसे पेंट, सीमेंट, बिजली के उपकरण और संभवतः कुछ गैस सिलेंडर रखे हुए थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रात को दुकान बंद करने के बाद शायद गैस सिलेंडर से रिसाव शुरू हो गया। चिंगारी लगते ही पूरे दुकान में धमाका हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के लोग अपनी नींद से चौंक उठे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि लगा कोई बम फटा हो। जब हम दौड़े तो देखा दुकान की आग की लपटें आसमान छू रही थीं और शटर सड़क किनारे पड़ा था। शंकर जी का शव 20 फीट दूर फेंक दिया गया था, वे बुरी तरह झुलसे हुए थे।" धमाके से दुकान की दीवारें हिल गईं और आसपास की कुछ दुकानों के शीशे भी टूट गए। सौभाग्य से, कोई अन्य व्यक्ति हादसे का शिकार नहीं हुआ, लेकिन इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

तत्काल पहुंची टीमें, लेकिन देर हो चुकी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और खेतड़ी नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। शंकर सैनी को तुरंत खेतड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि वे 80 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके थे और विस्फोट के तुरंत बाद ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने दुकान को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सिलेंडर के अवशेषों की जांच कराई जा रही है।

कारणों की पड़ताल: लापरवाही या तकनीकी खराबी? 

प्रारंभिक जांच में सिलेंडर से गैस रिसाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हार्डवेयर दुकानों में कभी-कभी गैस सिलेंडर रखे जाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकते हैं। खेतड़ी पुलिस स्टेशन के प्रभारी ने बताया, "हम सिलेंडर की वैधता, स्टोरेज और रिफिलिंग की जांच कर रहे हैं। अगर कोई लापरवाही पाई गई तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" जिला प्रशासन ने भी सभी दुकानदारों को सिलेंडर हैंडलिंग के सुरक्षा मानकों का पालन करने की चेतावनी जारी की है। 

शंकर सैनी एक स्नेहपूर्ण परिवार के मुखिया थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं। हादसे की खबर सुनते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां मां की चीखें सुनकर सबकी आंखें नम हो गईं। पड़ोसियों ने बताया कि शंकर मेहनती इंसान थे, जो दुकान से अच्छी कमाई करते थे। अब परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है।

सुरक्षा का संदेश: सिलेंडर से दो कदम दूर रहें 

यह हादसा एक बार फिर गैस सिलेंडर की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सिलेंडर को कभी धूप या आग के पास न रखें, रिसाव की जांच माचिस से न करें और नियमित सर्विसिंग कराएं। खेतड़ी जैसे छोटे कस्बों में जहां दुकानें सघन हैं, ऐसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। जिला कलेक्टर ने सभी थानों को हाई अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं।