खाटू श्याम जन्मोत्सव: पटाखों और आतिशबाजी के बीच धूमधाम से मनाया गया 'हारे के सहारे' का जन्मदिवस

खाटू श्याम जन्मोत्सव पर लाखों भक्तों ने पटाखों और आतिशबाजी के साथ धूमधाम से मनाया बाबा का जन्मदिवस, प्रतिबंध के बावजूद अद्भुत नजारा।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 1, 2025 • 1:38 PM  43
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राजस्थान
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खाटू श्याम जन्मोत्सव: पटाखों और आतिशबाजी के बीच धूमधाम से मनाया गया 'हारे के सहारे' का जन्मदिवस
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खाटू श्याम जन्मोत्सव: पटाखों और आतिशबाजी के बीच धूमधाम से मनाया गया 'हारे के सहारे' का जन्मदिवस

सीकर, राजस्थान (1 नवंबर 2025):

राजस्थान के सीकर जिले के प्रसिद्ध खाटू धाम में आज कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी (देवउठनी एकादशी) के पावन अवसर पर बाबा खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे रींगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबा 'इंसानों का सैलाब' नजर आया। मंदिर परिसर 'जय श्री श्याम' के जयकारों से गूंज उठा, जबकि रात्रि में पटाखों की गूंज और आतिशबाजी की चमक ने पूरा क्षेत्र ज्योतिर्मय बना दिया। हालांकि, प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद भक्तों ने अपनी भक्ति का इजहार रंग-बिरंगे पटाखों और आकाशीय आतिशबाजी से किया, जो एक अद्भुत नजारा पेश कर गया।

भक्तों का अपार जनसैलाब: होटल-धर्मशालाएं फुल, दर्शन के लिए लंबी कतारें खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव हर वर्ष देवउठनी एकादशी पर मनाया जाता है, जो इस बार 1 नवंबर को आया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि को बाबा श्याम का शीश मंदिर में सुशोभित हुआ था। सुबह से ही देश-विदेश से आए भक्तों का तांता लग गया। रींगस रेलवे स्टेशन से लेकर खाटू नगरी तक सड़कें पैदल यात्रियों से पट गईं। मंदिर में दर्शन के लिए 17 किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं, जहां पैर रखने की भी जगह नहीं बची। होटल, धर्मशालाएं और ढाबे पूरी तरह भर चुके थे, जबकि कई भक्त खुले में रुककर अपनी भक्ति निभा रहे थे।प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर 2600 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। रींगस-खाटू रोड को 'नो व्हीकल जोन' घोषित कर दिया गया, जबकि तोरणद्वार के 50 मीटर क्षेत्र में बेरिकेडिंग की गई। चिकित्सा, यातायात और सफाई की व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई। फिर भी, भीड़ प्रबंधन की चुनौती बनी रही, खासकर रात्रि में जब आतिशबाजी का दौर चरम पर पहुंचा।

प्रतिबंध तोड़ा भक्तों ने: पटाखों की गूंज और आतिशबाजी का अद्भुत नजारा    मंदिर कमेटी और प्रशासन ने वातावरण शुद्धता के लिए पटाखों और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। धारा 163 लागू कर मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के पटाखे जलाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। लेकिन भक्तों की भक्ति ने इन प्रतिबंधों को दरकिनार कर दिया। बीती रात से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में जमकर आतिशबाजी हुई। रंग-बिरंगे पटाखों की फोड़ों ने आकाश को रोशन कर दिया, जबकि आकाशीय आतिशबाजी ने ऐसा नजारा पेश किया मानो पूरा खाटू धाम दीपावली की रौनक में डूब गया हो।भक्तों का कहना था कि बाबा श्याम के जन्मदिन पर यह खुशी का इजहार जरूरी है। एक वृद्ध भक्त ने बताया, "हारे के सहारे बाबा श्याम हमारा! पटाखों की आवाज से ही हमारी मनोकामना पूरी होने का एहसास होता है।" हालांकि, कुछ जगहों पर पुलिस ने उल्लंघन पर चेतावनी दी, लेकिन समग्र रूप से उत्सव की धूम बरकरार रही। सोशल मीडिया पर भी भक्तों ने वीडियो और फोटो शेयर कर इस अद्भुत दृश्य को वायरल कर दिया।

भव्य पूजा-अर्चना: भोग लगाकर मांगे आशीर्वाद   मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का दौर चला। बाबा श्याम को उनका प्रिय भोग अर्पित किया गया, जिसमें पान का पत्ता, सुपारी, लौंग, इलायची, मेवा, दूध, दही, घी, शहद और फल शामिल थे। मान्यता है कि इस भोग से बाबा शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को 'हारे के सहारे' का आशीर्वाद देते हैं। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन हुआ, जहां 'श्याम चौरा रंग रंग में...' जैसे भक्ति गीतों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।घर-घर में भी भक्तों ने बाबा श्याम की विशेष पूजा की। विधि के अनुसार, स्नान-ध्यान के बाद श्याम बाबा की मूर्ति या फोटो को सजाया गया, फिर भोग लगाकर आरती की गई। कई जगहों पर केक काटकर जन्मदिन मनाया गया, जो परंपरा का आधुनिक रूप था।

भक्तों के अनुभव: आस्था का सागर, मनोकामनाओं का पूर्ण होना    उत्सव में शामिल एक युवा भक्त ने कहा, "बाबा श्याम की कृपा से जीवन की हर हार जीत में बदल जाती है। आज का यह नजारा कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।" सिखानिया, गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों से आए श्रद्धालु बताते हैं कि पटाखों की चमक ने उनकी भक्ति को और प्रज्वलित कर दिया। महिलाओं और बच्चों की भीड़ विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जो बाबा के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद मांग रही थीं।

निष्कर्ष: भक्ति की लहर जारी, बाबा की कृपा अपरिहार्य  खाटू श्याम जन्मोत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बाबा श्याम भक्तों के हारे के सहारे हैं। पटाखों और आतिशबाजी के बीच यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व का रहा, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बना। तीन दिवसीय मेला 31 अक्टूबर से चल रहा है, जो आने वाले दिनों में और भव्य रूप धारण करेगा। सभी भक्तों को जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं! जय श्री श्याम!

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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