हार्ट अटैक से कनाडा में राजस्थानी छात्र की मौत, कॉलेज क्लास में उठा सीने में दर्द, जन्मदिन आने वाला था
श्रीगंगानगर जिले के चक-8 क्यू गांव के 26 वर्षीय हरप्रीत सिंह की कनाडा के ब्रैम्पटन (टोरंटो) में हार्ट अटैक से दुखद मौत हो गई। 28 मार्च 2026 को कॉलेज क्लास के दौरान सीने में दर्द उठने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका 5 अप्रैल को जन्मदिन था। परिवार 12 दिनों तक शव का इंतजार करने के बाद गुरुवार (9 अप्रैल) को दिल्ली एयरपोर्ट से शव गांव ला रहा है। हरप्रीत दो साल पहले स्टडी वीजा पर अपने चचेरे भाई के साथ हैनसन कॉलेज में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने गया था। परिवार और पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है।
श्रीगंगानगर जिले के चक-8 क्यू (संगतपुरा पंचायत) का रहने वाला 26 वर्षीय हरप्रीत सिंह कनाडा में बेहतर भविष्य बनाने सपना देखकर गया था, लेकिन मात्र दो साल बाद दिल का दौरा पड़ने से उसकी अकाल मौत हो गई। मौत 28 मार्च 2026 को टोरंटो के ब्रैम्पटन शहर में हुई, जबकि उसका 5 अप्रैल को जन्मदिन था। परिवार अब भी इस सदमे से उबर नहीं पाया है और 12 दिनों तक शव के इंतजार के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है।
हरप्रीत सिंह दो साल पहले अपने चचेरे भाई भवपनीत सिंह के साथ स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। वह टोरंटो के ब्रैम्पटन में हैनसन कॉलेज (Hanson College) में हॉस्पिटैलिटी एंड रेस्टोरेंट प्रोग्रामिंग (Hotel Management) की पढ़ाई कर रहा था। परिवार के मुताबिक, वह पढ़ाई में काफी मेहनती और लगनशील था।
क्लासरूम में ही हुआ सीने में तेज दर्द
28 मार्च को कॉलेज में क्लास के दौरान हरप्रीत को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। उसके साथी छात्रों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने की पुष्टि की और उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर परिवार के लिए बेहद सदमे वाली थी, क्योंकि हरप्रीत पूरी तरह स्वस्थ दिखता था और कोई गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी।
हरप्रीत के दादा जगजीत सिंह ने रोते हुए बताया, “जन्मदिन से कुछ दिन पहले ही वो हमें छोड़कर चला गया। हमें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि वो जा चुका है।” परिवार को मौत की खबर मिलने के बाद से शव लाने की प्रक्रिया में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कनाडा से शव वापस लाने में देरी हुई, जिसके कारण परिवार 12 दिन से इंतजार कर रहा था।
शव आज दिल्ली पहुंचेगा, शाम को गांव लाया जाएगा
परिवार के सदस्यों ने बताया कि गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को दोपहर बाद हरप्रीत सिंह का शव कनाडा से विमान द्वारा दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच जाएगा। टिकट की पुष्टि हो चुकी है। दिल्ली से शव को सड़क मार्ग से गुरुवार शाम तक चक-8 क्यू गांव लाया जाएगा, जहां कल (10 अप्रैल) अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है।
हरप्रीत सिंह सुरेंद्र पाल सिंह गील के पुत्र थे। वह परिवार का इकलौता बेटा नहीं था, लेकिन युवा उम्र में विदेश जाकर पढ़ाई और करियर बनाने का उनका सपना अब अधूरा रह गया। परिवार वाले कहते हैं कि हरप्रीत हमेशा हंसमुख और जिम्मेदार था। वह अपने चचेरे भाई के साथ रहकर पढ़ाई पूरी करने और भविष्य संवारने की योजना बना रहा था।
विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की बढ़ती चुनौतियां
यह घटना विदेश, खासकर कनाडा में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों की ओर इशारा करती है। तनाव, मौसम परिवर्तन, अकेलापन और व्यस्त जीवनशैली कई बार युवाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर धकेल देती है। हरप्रीत जैसी घटनाएं परिवारों को हमेशा के लिए टूटा हुआ छोड़ जाती हैं।