जोधपुर में नशे की एम्बुलेंस से करते थे डिलीवरी: 30 लाख से ज्यादा का डोडा पोस्त बरामद, पुलिस ने 2 तस्करों को पकड़ा

जोधपुर में पुलिस ने एम्बुलेंस से डोडा पोस्त तस्करी करते 2 आरोपियों को पकड़ा, 3 क्विंटल से ज्यादा माल बरामद, कीमत 30 लाख रुपये।

Nov 16, 2025 - 12:10
जोधपुर में नशे की एम्बुलेंस से करते थे डिलीवरी: 30 लाख से ज्यादा का डोडा पोस्त बरामद, पुलिस ने 2 तस्करों को पकड़ा

जोधपुर, 16 नवंबर 2025:

राजस्थान के जोधपुर जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कमिश्नरेट स्पेशल टीम और लूणी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक एम्बुलेंस में डोडा पोस्त (पॉपी स्ट्रॉ) की तस्करी करते हुए दो कुख्यात तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करों के कब्जे से करीब 3 क्विंटल से अधिक डोडा पोस्त बरामद की गई है, जिसकी बाजार मूल्य लगभग 30 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

घटना का पूरा विवरण;  जानकारी के अनुसार, जोधपुर शहर में डोडा पोस्त की तस्करी का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। तस्कर एम्बुलेंस का सहारा लेकर नशीले पदार्थों की डिलीवरी करते थे, जिससे पुलिस की नजरों से बचने में उन्हें आसानी हो रही थी। एम्बुलेंस को 'नशे की एम्बुलेंस' का नाम दिया गया था, क्योंकि इसका इस्तेमाल केवल मरीजों को ले जाने के बजाय अवैध कारोबार के लिए किया जा रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धवा क्षेत्र के कुछ लोग बड़े पैमाने पर डोडा पोस्त की खरीद-बिक्री और आपूर्ति का धंधा चला रहे हैं। इस सूचना पर कमिश्नरेट की स्पेशल टीम और लूणी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई।छापेमारी के दौरान टीम ने एम्बुलेंस को रोका और तलाशी ली। एम्बुलेंस के अंदर छिपाकर रखे गए डोडा पोस्त के 3 क्विंटल से अधिक पैकेट बरामद किए गए। तस्करों ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती के आगे वे टिक नहीं पाए। बरामद डोडा पोस्त की मात्रा इतनी अधिक थी कि इसे स्थानीय बाजार में 30 लाख रुपये से ज्यादा कीमत पर बेचा जा सकता था। यह नशीला पदार्थ मुख्य रूप से अफीम की खेती से प्राप्त होता है और इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान और उनका बैकग्राउंड;  पकड़े गए मुख्य आरोपी दो हैं—श्रीराम और महेंद्र। दोनों धवा, जोधपुर के निवासी हैं। इनके अलावा, एक अन्य आरोपी गोरधनराम (निवासी: शुभदंड, जोधपुर) का नाम भी सामने आया है, जो इस नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, श्रीराम और महेंद्र गोरधनराम के साथ मिलकर लंबे समय से डोडा पोस्त का अवैध कारोबार चला रहे थे। वे स्थानीय स्तर पर खरीदारी करते थे और फिर विभिन्न जिलों में आपूर्ति करते थे। एम्बुलेंस का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था ताकि चेकिंग के दौरान संदेह न हो।पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह न केवल जोधपुर बल्कि आसपास के जिलों जैसे बाड़मेर, जैसलमेर और नागौर तक फैला हुआ था। तस्करों के पास से एम्बुलेंस के अलावा कुछ अन्य सामान भी बरामद किया गया, जैसे मोबाइल फोन और नकदी, जो कारोबार से जुड़े थे। पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि वे मासिक लाखों रुपये की कमाई कर रहे थे। गोरधनराम अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच;  कमिश्नरेट स्पेशल टीम के इंचार्ज और लूणी थाना प्रभारी ने बताया कि यह कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। बरामद डोडा पोस्त को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ा जाएगा।इस घटना ने जोधपुर में नशीले पदार्थों की तस्करी की गंभीरता को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की तारीफ की है और उम्मीद जताई है कि ऐसी कार्रवाइयों से शहर नशामुक्त बनेगा। जिला प्रशासन ने भी नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.