जोधपुर में 17 दिन के नवजात की क्रूर हत्या: चार मौसियों पर आरोप, जादू-टोने की आशंका
जोधपुर की सांसी बस्ती में 17 दिन के नवजात के हाथ-पैर तोड़कर चार मौसियों ने गला दबाकर हत्या की; जादू-टोने की आशंका, पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी।
जोधपुर, 15 नवंबर 2025: राजस्थान के जोधपुर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मात्र 17 दिनों के एक मासूम नवजात शिशु की उसके चार मौसियों ने कथित तौर पर क्रूरता से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, महिलाओं ने पहले शिशु के हाथ-पैर तोड़े और फिर उसके गले को दबाकर उसका कत्ल कर दिया। इस वारदात के पीछे जादू-टोने जैसी अंधविश्वास की आशंका जताई जा रही है।घटना रातानाडा थाना क्षेत्र की सांसी बस्ती में घटी, जहां फिलहाल कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने आरोपी महिलाओं को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण; जानकारी के मुताबिक, पीड़ित नवजात का जन्म 17 दिन पहले ही हुआ था। शिशु की मां एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं और वे सांसी बस्ती में रहती हैं। घटना वाली रात को मां को शिशु की देखभाल करनी थी, लेकिन उन्हें अचानक बाथरूम जाने की जरूरत पड़ी। इसी बीच, मां की चार कुंवारी बहनें—जो उनकी मौसियां हैं—शिशु के पास पहुंचीं। इन महिलाओं ने कथित रूप से मिलीभगत से नवजात पर हमला बोला। सबसे पहले उन्होंने उसके नन्हे हाथ-पैर तोड़े, जिससे शिशु तड़पने लगा। फिर, क्रूरता की हद पार करते हुए, उन्होंने उसके गले को जोर से दबा दिया, जिससे नवजात की मौके पर ही मौत हो गई।हत्या के बाद महिलाओं ने शव को घर के अंदर ही फेंक दिया, जैसे कोई सामान्य वस्तु हो। मां जब बाथरूम से लौटीं, तो उन्हें शिशु का शव नजर आया। सदमे में वे चीखने लगीं, जिसकी आवाज सुनकर पड़ोसी जुट गए। किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रातानाडा थाने की टीम मौके पर पहुंची और दृश्य का मुआयना किया। पुलिस ने घर को तुरंत सीज कर लिया ताकि कोई सबूत नष्ट न हो सके। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने पर हत्या के सटीक कारण और चोटों का पता चलेगा।
आरोपी महिलाओं की पहचान और हिरासत; पुलिस ने चारों आरोपी महिलाओं को हिरासत में ले लिया है। ये सभी बहनें हैं और कुंवारी होने के कारण परिवार में उनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। उनका नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन पूछताछ में वे टूटने लगी हैं। प्रारंभिक जांच में महिलाओं ने अपना जुर्म कबूल किया है, लेकिन हत्या का मुख्य कारण बताने से बच रही हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये महिलाएं परिवार में रहती हैं और शिशु के जन्म के बाद से ही असामान्य व्यवहार कर रही थीं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, "महिलाओं को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया है। वे विरासत में हैं और सख्ती से पूछताछ हो रही है।"
जादू-टोने का अंधविश्वास: संभावित मकसद? पुलिस का मानना है कि यह हत्या जादू-टोने या किसी अंधविश्वास से प्रेरित हो सकती है। सांसी बस्ती जैसे पिछड़े इलाकों में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां नवजातों को 'शगुन' या 'बलि' के नाम पर निशाना बनाया जाता है। एक अधिकारी ने बताया, "प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि महिलाओं पर किसी तांत्रिक या ज्योतिषी का प्रभाव हो सकता है। वे शिशु को 'बाधा' मान रही थीं।" हालांकि, यह अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब इलाके में अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है और अंधविश्वास के स्रोत का पता लगाने की कोशिश में जुटी है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच; घटना की सूचना मिलते ही रातानाडा थाना प्रभारी ने टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर फोरेंसिक टीम को बुलाया। घर से खून के धब्बे, टूटे अंगों के निशान और अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। फिलहाल एफआईआर दर्ज न होने का कारण पीड़ित परिवार का सदमा बताया जा रहा है, लेकिन जल्द ही धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा। एसपी जोधपुर ग्रामीण ने कहा, "यह बेहद संवेदनशील मामला है। हम पूरी तत्परता से जांच कर रहे हैं। आरोपी महिलाओं से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरा खुलासा होगा।"