जैसलमेर में SBI बैंक का एटीएम उखाड़कर ले जाने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार: 2 महीने से फरार था, दबिश देकर पकड़ा; वारदात में तोड़े थे सीसीटीवी कैमरे, 1.5 लाख रुपये बरामद
राजस्थान के जैसलमेर जिले के नेहड़ाई में 8 नवंबर 2025 की रात एसबीआई बैंक का एटीएम उखाड़कर ले जाने वाली सनसनीखेज वारदात का खुलासा। मुख्य आरोपी विक्रम गुर्जर (35, झुंझुनूं निवासी) को 2 महीने बाद पुलिस ने दबोचा। उसके पास से 1.5 लाख रुपये बरामद। वारदात में सीसीटीवी तोड़े गए थे। आरोपी पर पहले से 8 मामले दर्ज। पुलिस को अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका, अन्य सदस्यों की तलाश जारी।
राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश हुआ है। नेहड़ाई स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा से एटीएम मशीन को पूरी तरह उखाड़कर ले जाने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 8 नवंबर 2025 की रात को हुई थी, जिसमें बदमाशों ने न केवल एटीएम को चुराया, बल्कि सबूत मिटाने के लिए बैंक परिसर में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया था। पुलिस की विशेष टीमों की दो महीने की लगातार छानबीन और मुखबिरों व तकनीकी सूचनाओं के आधार पर आरोपी को धर दबोचा गया।
वारदात का विवरण
8 नवंबर 2025 की रात करीब 12:45 से 2:00 बजे के बीच नेहड़ाई बैंक शाखा के सहायक प्रबंधक प्रणव वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात चोरों ने बैंक परिसर में घुसकर एटीएम को उखाड़ लिया और उसे अपने साथ ले गए। वारदात के दौरान उन्होंने सबूतों को नष्ट करने के लिए तीन सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, पुलिस को उपलब्ध कुछ फुटेज में संदिग्ध व्यक्तियों को एटीएम के साथ तोड़फोड़ करते देखा गया था। इस घटना ने इलाके में काफी हड़कंप मचा दिया था, क्योंकि एटीएम को इस तरह उखाड़कर ले जाना एक असामान्य और साहसी अपराध था।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
जैसलमेर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एसपी अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पोकरण) प्रवीण कुमार और सीओ (नाचना) गजेन्द्र सिंह चम्पावत के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इसमें सांगड़ थानाधिकारी राजेश कुमार, रामगढ़ थानाधिकारी भुटाराम, लाठी थानाधिकारी नाथुसिंह के साथ-साथ डीएसटी और डीसीआरबी की टीमें शामिल थीं। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने मौके से वैज्ञानिक सबूत जुटाए।
पुलिस ने मुखबिरों की सूचनाओं और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। लगातार दो महीने की मेहनत के बाद पुलिस ने आरोपी पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान विक्रम गुर्जर (35 वर्ष) पुत्र रामसिंह, निवासी रूपावाली ढाणी, माधोगढ़ (थाना बबाई, जिला झुंझुनूं) के रूप में हुई। वह झुंझुनूं का निवासी है और 2 महीने से फरार चल रहा था।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई राशि में से डेढ़ लाख रुपये (1.5 लाख) बरामद किए। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच में पता चला कि विक्रम गुर्जर एक शातिर और कुख्यात अपराधी है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से ही 8 गंभीर मामले दर्ज हैं और वह कई मामलों में कोर्ट में विचाराधीन (अंडर ट्रायल) भी है।
अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका
पुलिस को संदेह है कि इस वारदात में अंतरराज्यीय स्तर का अपराधी नेटवर्क शामिल था। आरोपी के साथ अन्य सदस्यों की भूमिका को लेकर पूछताछ जारी है। एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।