सियासी संग्राम तेज! डोटासरा के बयान से बढ़ी AAP-BJP-कांग्रेस की तकरार...
गोविंद सिंह डोटासरा ने सीकर में बयान देते हुए आम आदमी पार्टी को भ्रष्ट लोगों का समूह बताया और कहा कि अब यह बिखर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पहले इस पार्टी को सपोर्ट किया और अब जांच एजेंसियों के जरिए नेताओं पर दबाव बना रही है। साथ ही डोटासरा ने शिक्षा नीति को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा और पाठ्यक्रम में बदलाव को गलत बताया।
सीकर |
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीकर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी भ्रष्ट लोगों का समूह बन गई थी, जो अब टूटने की स्थिति में है।
डोटासरा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को पहले से ही समर्थन और संसाधन उपलब्ध कराए गए थे, और यह पूरी तरह से राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था। उनका दावा है कि अब जब कुछ नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, तो उन पर जांच एजेंसियों जैसे ईडी और आयकर विभाग के मामले सामने आ रहे हैं, जिनका राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
‘बीजेपी की बी-टीम थी AAP’—डोटासरा का आरोप
डोटासरा ने आम आदमी पार्टी को भारतीय जनता पार्टी की “बी-टीम” करार देते हुए कहा कि दिल्ली समेत कई राज्यों में राजनीतिक जमीन बनाने के लिए इस पार्टी का उपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बीजेपी को सीधे समर्थन नहीं मिल रहा था, तब वैकल्पिक राजनीतिक ताकत खड़ी करने के लिए इस तरह के प्रयोग किए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थिति साफ हो गई है और पार्टी के अंदर के मतभेद व आरोपों के चलते उसका विघटन शुरू हो गया है।
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि जो नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं, उन पर पहले से ईडी और आयकर के मामले हैं। उनके अनुसार, इन एजेंसियों का इस्तेमाल दबाव बनाने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
पंजाब और अन्य राज्यों में ‘ऑपरेशन’ का आरोप
डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी अलग-अलग राज्यों में विपक्ष को कमजोर करने के लिए रणनीतिक अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली और गुजरात में ऐसा किया गया और अब पंजाब में भी इसी तरह की कोशिशें हो रही हैं।
शिक्षा नीति पर भी सरकार को घेरा
राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी डोटासरा ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई “स्वर्णिम भारत” जैसी पुस्तकों को बंद कर दिया गया है, जिनमें राजस्थान के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी दी जाती थी।
उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक पाठ्यक्रम दिए इन पुस्तकों को हटाना छात्रों के हित में नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों में एक विशेष विचारधारा से जुड़ी पुस्तकों का वितरण किया जा रहा है, जो शिक्षा के राजनीतिकरण को दर्शाता है।
‘तकनीक के दौर में पीछे की राजनीति’
डोटासरा ने कहा कि आज देश तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में आगे बढ़ रहा है, लेकिन शिक्षा में आधुनिक विषयों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक इतिहास को केंद्र में रखा जा रहा है। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ समझौता बताया।
सीकर में दिए गए इस बयान में गोविंद सिंह डोटासरा ने जहां आम आदमी पार्टी और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं शिक्षा नीति को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। उनके बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।