जयपुर में फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट: 1 की मौत, टिन शेड उड़ा, दीवार ढही; मैनेजर समेत 2 घायल
जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में ऑक्सीजन सिलेंडर भरते समय भीषण विस्फोट, टिन शेड उड़ गया और दीवार ढह गई। एक व्यक्ति की मौत, फैक्ट्री मैनेजर समेत 2 घायल। पुलिस जांच में जुटी।
जयपुर, 31 जनवरी 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार शाम को एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें एक फैक्ट्री के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर फट गया। इस जोरदार धमाके ने न केवल फैक्ट्री की संरचना को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि एक व्यक्ति की जान भी ले ली। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें फैक्ट्री का मैनेजर भी शामिल है।
हादसे का विवरण
हादसा विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के रोड नंबर 17 पर स्थित करणी विहार कॉलोनी में एक ऑक्सीजन सिलेंडर भरने वाली फैक्ट्री में शाम करीब 7:45 बजे हुआ। फैक्ट्री में उस समय सिलेंडर भरने का काम चल रहा था। अचानक एक ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिसकी आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में सुनाई दी।
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री का ऊपरी टिन शेड (टिन की छत) उड़ गया और एक पूरी दीवार ढह गई। मलबे के बीच कई लोग फंस गए, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
हताहत और घायल
मृतक: झारखंड निवासी मुन्ना राय की मौके पर ही मौत हो गई।
घायल:फैक्ट्री मैनेजर विनोद गुप्ता (45 वर्ष), निवासी मुरलीपुरा, जयपुर।शिबू उर्फ अनुवा, निवासी झारखंड। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
मौके पर पहुंची टीमें
सूचना मिलते ही विश्वकर्मा थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। दमकल की कई गाड़ियां भी पहुंचीं और आग बुझाने तथा बचाव कार्य में जुटी रहीं। पुलिस ने हादसे का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद ने बताया कि फैक्ट्री संतोष गुप्ता की है, जहां मुख्य रूप से ऑक्सीजन सिलेंडर भरने और सप्लाई का काम होता है। प्रारंभिक जांच में सिलेंडर भरते समय किसी तकनीकी खराबी या दबाव अधिक होने से विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब फैक्ट्री के मालिक, कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है।
सुरक्षा चिंताएं
ऐसे हादसे अक्सर सिलेंडर हैंडलिंग में लापरवाही, पुराने उपकरणों या सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में गैस सिलेंडरों से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।