जयपुर: बेटे ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रचकर पिता से 8 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की, मुंबई से गिरफ्तार
जयपुर के प्रताप नगर में 24 साल के अनिल कुमार डागुर ने कर्ज चुकाने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची और पिता से 8 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस को शक हुआ तो मुंबई के होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अनिल ने पूरा जुर्म कबूल कर लिया।
जयपुर। जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक 24 साल का युवक अपने ही पिता से 8 लाख रुपये हड़पने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर फरार हो गया था। पुलिस को जब शक हुआ तो उसकी तलाश शुरू की गई और आखिरकार उसे मुंबई के एक होटल से दबोच लिया गया। पूछताछ में युवक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
क्या है पूरा मामला? प्रताप नगर थानाधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम अनिल कुमार डागुर (24 वर्ष) है। मूल रूप से करौली जिले का रहने वाला अनिल पिछले कुछ समय से जयपुर के प्रताप नगर क्षेत्र में रह रहा था।21 नवंबर 2025 को अनिल के पिता थाने पहुंचे और रोते-बिलखते शिकायत की कि उनके बेटे का किसी ने अपहरण कर लिया है। साथ ही अपहरणकर्ताओं ने 8 लाख रुपये फिरौती की मांग की है। पिता ने बताया कि उन्हें धमकी भरे फोन और मैसेज आए थे, जिसमें उनके बेटे की जान का खतरा बताया जा रहा था।पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया और अपहरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की गई।पुलिस को हुआ शक, खुली पोलजांच के दौरान पुलिस को कई बातें खटकने लगीं:अपहरण की सूचना देने वाला नंबर और फिरौती मांगने वाले नंबर में कुछ समानताएं मिलीं। अनिल का मोबाइल फोन कुछ देर तक जयपुर में ही एक्टिव दिखा, फिर अचानक स्विच ऑफ हो गया। जिस नंबर से फिरौती की मांग की जा रही थी, वह भी संदिग्ध लगा। पुलिस ने अनिल के परिचितों और परिवार से गहन पूछताछ की तो पता चला कि अनिल को जुआ खेलने और शेयर मार्केट में भारी नुकसान हुआ था। वह कर्ज में डूबा हुआ था और पिता से पैसे मांगने में असमर्थ था।
मुंबई से पकड़ा गया; तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि अनिल जयपुर से भागकर मुंबई चला गया है। टीम ने तुरंत मुंबई रवाना हुई और वहां लोकल पुलिस की मदद से अनिल को एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय वह पूरी तरह निश्चिंत होकर रह रहा था और उसे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि पुलिस उस तक पहुंच चुकी है।युवक ने कबूला जुर्मजयपुर लाकर सघन पूछताछ की गई तो अनिल टूट गया और उसने अपना पूरा प्लान कबूल कर लिया। उसने बताया कि:उसने खुद ही अपने दोस्त की मदद से अपहरण की फर्जी कहानी तैयार की थी। दूसरे मोबाइल से पिता को धमकी भरे मैसेज और कॉल किए थे। पिता से 8 लाख रुपये लेने के बाद वह विदेश भागने की योजना बना रहा था। उसने सोचा था कि पैसे मिलते ही वह गायब हो जाएगा और कोई शक भी नहीं करेगा।
पुलिस कार्रवाई; पुलिस ने अनिल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 387 (फिरौती के लिए धमकी), 182 (झूठी सूचना देना) आदि के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
थानाधिकारी का बयान; थानाधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा, “यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण मामला है कि एक बेटा अपने पिता के साथ इस तरह की धोखाधड़ी करे। हमने बहुत तेजी से कार्रवाई की और महज कुछ ही दिनों में आरोपी को दबोच लिया। ऐसे फर्जी अपहरण के मामलों में पुलिस अब और ज्यादा सतर्क हो गई है।”फिलहाल पुलिस अनिल के अन्य साथियों और उसके बैंक खातों की भी जांच कर रही है कि कहीं उसने पहले भी ऐसा कोई अपराध तो नहीं किया।