सीवर के अंदर ऐसा क्या हुआ कि दो जानें चली गईं? जांच रिपोर्ट का इंतजार
सीवर सफाई के दौरान दो कर्मचारियों की मौत के बाद बड़ा सवाल उठ गया है कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ। अब जांच कमेटी पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी।
जयपुर के झोटवाड़ा जोन क्षेत्र में सीवर सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। सीवर चैम्बर में उतरने से दो सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में अब नगर निगम ने सख्त कदम उठाते हुए जांच कमेटी का गठन किया है।
कैसे हुआ हादसा
17 अप्रैल को वार्ड 24 में सीवर चैम्बर की सफाई के लिए दो कर्मचारियों को उतारा गया था। बताया जा रहा है कि जैसे ही दोनों कर्मचारी सीवर के अंदर उतरे, वहां मौजूद जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा। कुछ ही देर में दोनों बेहोश हो गए और वहीं फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। दोनों कर्मचारियों को गंभीर हालत में बाहर निकालकर तुरंत कांवटिया अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर सहित तमाम प्रयास किए, लेकिन दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
नगर निगम ने बनाई जांच कमेटी
हादसे के बाद नगर निगम ने पूरे मामले की जांच के लिए 6 अधिकारियों की कमेटी गठित की है। इस कमेटी को 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
कमेटी में शामिल अधिकारी हैं—
अतिरिक्त आयुक्त (सेकंड) प्रवीण कुमार
उपायुक्त स्वास्थ्य ओम थानवी
उपायुक्त झोटवाड़ा मनीषा यादव
अधीक्षण अभियंता (सीवर) चरण सिंह मीणा
अधीक्षण अभियंता दिनेश चंद गुप्ता
अधिशाषी अभियंता (गैराज) गोपाल मूंड
यूनियन का विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद सफाई कर्मचारी यूनियन में भारी आक्रोश देखने को मिला। यूनियन के सदस्यों ने कांवटिया अस्पताल के बाहर देर रात तक प्रदर्शन किया और दोनों कर्मचारियों के शवों को रखकर धरना दिया। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दोनों कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) के सीवर सफाई के लिए उतरे थे। इसी लापरवाही के कारण जहरीली गैस के संपर्क में आने से यह दर्दनाक हादसा हुआ।
यह घटना एक बार फिर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षण और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजरें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।