जयपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: ईमेल में लिखा- हमारे पास इसके अलावा कोई चारा नहीं, जल्दी बिल्डिंग खाली करवाओ
जयपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की ईमेल धमकी मिली, जिसमें लिखा- 'कोई चारा नहीं बचा, बिल्डिंग खाली करो'; परिसर खाली कराया गया, बम स्क्वॉड ने तलाशी ली, कुछ नहीं मिला, साइबर सेल जांच कर रही है।
जयपुर, 31 अक्टूबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट के परिसर में अचानक हड़कंप मच गया। हाईकोर्ट प्रशासन के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक अनजान आईडी से धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट बिल्डिंग को बम से उड़ा देने की चेतावनी दी गई थी। ईमेल में लिखा था, "हमारे पास इसके अलावा कोई चारा नहीं बचा है। जल्द से जल्द बिल्डिंग को खाली करवाओ, वरना परिणाम भुगतने पड़ेंगे।" इस धमकी के बाद एहतियातन पूरा परिसर खाली करा दिया गया, सभी सुनवाइयां स्थगित हो गईं और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं।
घटना का विवरण: शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे के आसपास हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को यह धमकी भरा ईमेल मिला। ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक पदार्थ रखे गए हैं, जो किसी भी समय फट सकते हैं। ईमेल का विषय कुछ इस प्रकार था कि यह एक गंभीर चेतावनी है और कोई चारा न बचे तो "ब्लास्ट" ही एकमात्र विकल्प बचा है। ईमेल की भाषा हिंदी में थी, जो काफी आक्रामक और डराने वाली थी। यह पहली बार नहीं है जब जयपुर की अदालतों को ऐसी धमकियां मिल रही हैं। हाल ही में 15 अक्टूबर को जयपुर सेशन कोर्ट को भी इसी तरह का ईमेल मिला था, जिसमें पॉक्सो कोर्ट को निशाना बनाया गया था। उस समय भी बिल्डिंग खाली कराई गई थी, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।हाईकोर्ट परिसर में हजारों वकील, जज, स्टाफ और याचिकाकर्ता मौजूद थे। धमकी की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। मुख्य न्यायाधीश सहित सभी जजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिनमें वकील, परिवारजन और स्टाफ शामिल थे। पूरा परिसर लगभग एक घंटे के लिए बंद कर दिया गया।प्रशासन और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रियाईमेल मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत जयपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस कंट्रोल रूम ने बम निरोधक दस्ते (BDDS), डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को अलर्ट कर दिया। ये सभी टीमें दोपहर 12:30 बजे तक हाईकोर्ट पहुंच चुकी थीं। खालीकरण प्रक्रिया: सभी कोर्ट कक्ष, लाइब्रेरी, कैंटीन और कार्यालयों को तुरंत खाली करा दिया गया। लगभग 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
खोज अभियान: बम डिटेक्शन उपकरणों और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली गई। हर कोने, फर्नीचर, लॉकर और वाहनों की स्कैनिंग की गई। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है।
सुरक्षा बढ़ाई गई: हाईकोर्ट के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया। आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग शुरू हो गई।"ईमेल की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। साइबर सेल को निर्देश दिए गए हैं कि ईमेल भेजने वाली आईपी एड्रेस, लोकेशन और डिवाइस को ट्रेस किया जाए।" "यह धमकी होक्स (फर्जी) हो सकती है, लेकिन हम किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहे।"
जांच की स्थिति: पुलिस ने ईमेल को साइबर क्राइम के तहत दर्ज किया है। साइबर सेल की टीम ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने में जुटी हुई है। ईमेल एक फर्जी या अज्ञात आईडी से भेजा गया था, जो संभवतः वीपीएन या प्रॉक्सी सर्वर के जरिए किया गया। ATS ने साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को शामिल किया है। यदि यह धमकी किसी विदेशी आईपी से आई है, तो इंटरपोल के माध्यम से सहयोग लिया जा सकता है।यह मामला जयपुर में बम धमकियों के सिलसिले का हिस्सा लगता है। पिछले कुछ महीनों में जयपुर एयरपोर्ट, एसएमएस स्टेडियम, मेट्रो स्टेशन, स्कूलों और अस्पतालों को भी इसी तरह के ईमेल मिल चुके हैं।
15 अक्टूबर 2025: सेशन कोर्ट के पॉक्सो कोर्ट को धमकी, जिसमें डेटोनेटर से ब्लास्ट की बात कही गई। जांच में फर्जी साबित।
1 जुलाई 2025: सेशन कोर्ट को फिर धमकी, 3 आईईडी का जिक्र।
29 मई 2025: मेट्रो कोर्ट और फैमिली कोर्ट को धमकी।
मई 2025: एक युवक धर्मपाल बिजारणियां को एयरपोर्ट धमकी के लिए 6 महीने की सजा सुनाई गई।
पुलिस का मानना है कि ये धमकियां सनसनी फैलाने या किसी व्यक्तिगत दुर्भावना से की जा रही हैं। जयपुर पुलिस कमिश्नर ने कहा, "ऐसी धमकियों पर सख्ती बरती जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।"