चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: बिजनेसमैन की कार ट्रेलर से टकराई, परिवार के 4 सदस्यों की मौत; 6 साल का मासूम बेटा बाल-बाल बचा
चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर रात करीब 2 बजे भीषण हादसा हुआ, जहां बिजनेसमैन रिंकेश नानवानी की कार जानवर बचाने के चक्कर में डिवाइडर पार कर ट्रेलर से टकराई। हादसे में रिंकेश (40), पत्नी सुहानी (38), चाची रजनी (58) और फूफा हीरानंद लालवानी (60) की मौके पर मौत हो गई। शादी से लौट रहे परिवार का 6 साल का बेटा वैभव बाल-बाल बचा, उसकी हालत स्थिर है। तेज रफ्तार मुख्य वजह बताई जा रही है।
चित्तौड़गढ़ जिले में चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बिजनेसमैन सहित उनके परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनका 6 साल का छोटा बेटा वैभव किसी तरह बच गया, जो फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में है।
हादसे का विवरण
हादसा गुरुवार रात करीब 2 बजे भादसोड़ा इलाके के नरबदिया गांव के पास हुआ। बिजनेसमैन रिंकेश नानवानी अपनी कार चला रहे थे और परिवार के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। हाईवे पर अचानक सामने कोई जानवर आ गया। जानवर को बचाने के चक्कर में रिंकेश ने कार को तेजी से मोड़ा, जिससे कार डिवाइडर से टकरा गई और दूसरी लेन में चली गई। ठीक उसी समय सामने से आ रहे एक ट्रेलर से उनकी कार की जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। पुलिस के अनुसार, हादसे के समय कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण नुकसान और अधिक हुआ। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
मृतकों की पहचान
मौके पर ही चारों लोगों की मौत हो गई। मृतकों में शामिल हैं:रिंकेश नानवानी (40 वर्ष) - बिजनेसमैन, चित्तौड़गढ़ के मधुबन इलाके के निवासी।सुहानी नानवानी (38 वर्ष) - रिंकेश की पत्नी।रजनी (58 वर्ष) - रिंकेश की चाची, चित्तौड़गढ़ के प्रतापनगर इलाके की निवासी।हीरानंद लालवानी (60 वर्ष) - रिंकेश के फूफा, फिलहाल इंदौर (मध्य प्रदेश) में रहते थे, मूल रूप से रतलाम (एमपी) के निवासी।ये चारों एक ही परिवार के सदस्य थे। रिंकेश कार चला रहे थे और आगे की सीट पर उनकी पत्नी सुहानी बैठी थीं।
बच्चे की हालत
हादसे में रिंकेश और सुहानी का 6 साल का बेटा वैभव घायल हुआ। उसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी गई और अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। एहतियात के तौर पर उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बच्चे को चित्तौड़गढ़ स्थित उसके घर भेज दिया गया है।
पुलिस और राहत कार्य
सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। चारों शवों को चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई कर रही है।