भीलवाड़ा में महिला चोर गिरोह का हैरतअंगेज खुलासा: गहने निगलकर या कपड़ों में छिपाकर करती थीं चोरी, एक्स-रे में पेट से निकला मंगलसूत्र और सोने के मोती
भीलवाड़ा पुलिस ने मध्य प्रदेश के नीमच जिले की 7 महिलाओं के चोर गिरोह को पकड़ा, जो शीतला सप्तमी पर चारभुजा मंदिर में भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से सोने के गहने चुराती थीं। चोरी के बाद गहने निगल लेतीं या कपड़ों में छिपा देतीं। गिरफ्तारी के बाद एक्स-रे में एक महिला के पेट से मंगलसूत्र और 6 सोने के मोती बरामद हुए, जिन्हें अस्पताल में निकाला गया। गिरोह की महिलाएं 20 से 60 वर्ष की हैं और यह राजस्थान में ऐसा पहला मामला है।
भीलवाड़ा, राजस्थान: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने एक महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका तरीका देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। यह गिरोह खासतौर पर भीड़-भाड़ वाली जगहों, जैसे मंदिरों के मेले और धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद सोने-चांदी के गहने या तो निगल लेती थीं या कपड़ों में छिपा देती थीं, ताकि तलाशी या जांच में कोई संदेह न हो।
घटना का विवरण
यह पूरा मामला कोटड़ी थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री चारभुजा नाथ मंदिर से जुड़ा है। शीतला सप्तमी के दिन मंदिर में रंगोत्सव का आयोजन था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। भीड़ का फायदा उठाकर गिरोह की महिलाएं महिलाओं के गले से सोने के जेवरात चुरा रही थीं।
कोटड़ी निवासी राधा अहीर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह मंदिर के कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। भीड़ में किसी ने उनके गले से सोने का मंगलसूत्र और 6 सोने के मोती वाला हार काटकर चुरा लिया। जब वह मंदिर से बाहर आईं, तो गले में दोनों जेवरात गायब थे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामला दर्ज होने के बाद कोटड़ी थानाधिकारी महावीर मीणा की टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। इनपुट से पता चला कि यह गिरोह राज्य के बाहर का है। बुधवार रात गश्त के दौरान पुलिस टीम को एक कार में सात संदिग्ध महिलाएं घूमती दिखीं।
इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां इन्होंने चोरी की वारदात कबूल ली। गुरुवार देर शाम सभी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। कार के ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है।
एक्स-रे से हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार महिलाओं का मेडिकल चेकअप और एक्स-रे करवाया गया। एक्स-रे में एक महिला के पेट में संदिग्ध धातु की वस्तुएं दिखीं। जांच में पता चला कि यह चुराए गए मंगलसूत्र और 6 सोने के मोती हैं।
इस महिला का नाम सपना (32) बताया गया है। उसे तुरंत भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी या अन्य तरीके से जेवरात सुरक्षित रूप से बाहर निकाले।
गिरफ्तार महिलाओं के नाम और पृष्ठभूमि
गिरोह में शामिल सभी महिलाएं मध्य प्रदेश के नीमच जिले की रहने वाली हैं। नाम इस प्रकार हैं: शानु (31 वर्ष),व्रतिका (20 वर्ष),बरजी बाई (52 वर्ष),बसंती (60 वर्ष),मैना (28 वर्ष),पायल (20 वर्ष),सपना (32 वर्ष)।गिरोह में बुजुर्ग महिलाओं का भी शामिल होना चौंकाने वाला है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह भीड़ वाली जगहों पर महिलाओं को टारगेट करता था और चोरी के बाद गहने निगलने या कपड़ों में छिपाने की रणनीति अपनाता था।
पुलिस की आगे की जांच
थानाधिकारी महावीर मीणा ने बताया कि पूछताछ में महिलाओं ने अपनी शातिर रणनीति बताई। अब पुलिस अन्य वारदातों की जानकारी जुटा रही है, क्योंकि यह गिरोह संभवतः कई जगहों पर सक्रिय रहा होगा। यह राजस्थान में ऐसा पहला मामला है जहां चोरों ने गहने निगलकर छिपाने की कोशिश की।