भरतपुर रोडवेज डिपो में अधिकारियों की 'रासलीला': लिपस्टिक, चुनरी और ठुमकों का वायरल वीडियो, दोनों पर गिरी गाज

भरतपुर रोडवेज डिपो में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार और सहायक अधिकारी गायत्री का लिपस्टिक लगवाकर चुनरी ओढ़ ठुमके लगाने वाला वीडियो वायरल, दोनों को APO कर जांच शुरू।

Nov 13, 2025 - 12:01
भरतपुर रोडवेज डिपो में अधिकारियों की 'रासलीला': लिपस्टिक, चुनरी और ठुमकों का वायरल वीडियो, दोनों पर गिरी गाज

भरतपुर, 13 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले में सरकारी कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) के भरतपुर डिपो और लोहागढ़ डिपो में तैनात दो प्रशासनिक अधिकारियों का आपसी 'रासलीला' रचते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में एक महिला अधिकारी पुरुष अधिकारी को लिपस्टिक लगाती, माथे पर बिंदी चिपकाती और चुनरी ओढ़ाती नजर आ रही हैं, जबकि पुरुष अधिकारी कार्यालय के अंदर ही फिल्मी गाने पर ठुमके लगाते दिख रहे हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है, बल्कि सरकारी कार्यालयों की कार्य संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो का विस्तृत विवरण: अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा वायरल वीडियो की क्लिप्स बेहद फूहड़ और आपत्तिजनक हैं, जो कार्यालय के भीतर ही रिकॉर्ड की गई लगती हैं। मुख्य वीडियो में भरतपुर रोडवेज डिपो के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार को देखा जा सकता है, जिन्हें सहायक प्रशासनिक अधिकारी गायत्री देवी (लोहागढ़ डिपो से तैनात) श्रृंगार कर रही हैं। गायत्री देवी सुनील कुमार के होंठों पर लिपस्टिक लगाती हैं, माथे पर टीका लगाती हैं और फिर उन्हें चुनरी ओढ़ा देती हैं। इसके तुरंत बाद सुनील कुमार बॉलीवुड फिल्म 'जाने क्या बात है' के मशहूर गाने "परदेसिया, परदेसिया" पर जोर-जोर से गाते हुए नाचने लगते हैं। ठुमकों के बीच उनका अंदाज इतना हल्का-फुल्का है कि दर्शक स्तब्ध रह जाते हैं।एक अन्य क्लिप में सुनील कुमार कार्यालय की मेज पर पैर रखकर लेटे हुए आराम फरमाते नजर आ रहे हैं, जबकि गायत्री देवी भी बगल में बैठी आराम करती दिख रही हैं। यह दृश्य कार्यालय के समय में सोशल डिस्टेंसिंग और अनुशासन के नियमों का खुला उल्लंघन दर्शाता है। वीडियो में अधिकारियों की वेशभूषा भी असंगत लग रही है—सरकारी ड्रेस कोड की अनदेखी करते हुए वे अनौपचारिक परिधान में हैं। ये वीडियो संभवतः किसी सहकर्मी या मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए थे, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल रहे हैं।

घटना का बैकग्राउंड: कब और कैसे हुआ विवाद?  घटना भरतपुर रोडवेज डिपो के कार्यालय में हुई, जो राज्य के परिवहन विभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुनील कुमार और गायत्री देवी दोनों ही प्रशासनिक पदों पर तैनात हैं और उनकी जिम्मेदारी डिपो के दैनिक संचालन, टिकटिंग, वाहन रखरखाव और यात्री सेवाओं से जुड़ी है। सूत्रों के अनुसार, यह 'रासलीला' किसी अनौपचारिक पार्टी या ब्रेक के दौरान रिकॉर्ड हुई, लेकिन कार्यालय परिसर में ही। वीडियो सोमवार (11 नवंबर 2025) को वायरल होने लगा, जिसके बाद मंगलवार को प्रशासन ने संज्ञान लिया।स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो की शुरुआत एक हल्के-फुल्के माहौल से हुई, जो जल्द ही अशोभनीय हो गई। अधिकारियों के बीच का यह व्यवहार न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक धन से चलने वाले कार्यालय की छवि को धूमिल करने वाला भी है। X पर #BharatpurRoadwaysVideo टैग के साथ दर्जनों पोस्ट्स में लोग इसे 'शर्मनाक' और 'अनुचित' बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "क्या ऐसे अधिकारी जनता की सेवा के योग्य हैं?" जबकि एक अन्य ने कहा, "सरकारी दफ्तर में रासलीला? ये तो हद है!"

वीडियो वायरल होते ही राजस्थान रोडवेज के उच्च अधिकारियों ने फौरन संज्ञान लिया। RSRTC के महाप्रबंधक ने दोनों अधिकारियों को अनुशासनहीनता और कार्यालय नियमों के उल्लंघन के आरोप में Attaché to Principal Office (APO) कर दिया गया है। इसका मतलब है कि उन्हें तत्काल पद से हटा दिया गया और मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। विभाग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच समिति गठित की गई है, और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"भरतपुर जिला कलेक्टर और परिवहन विभाग के स्थानीय अधिकारी भी मामले की गहन जांच में जुटे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि हो चुकी है, और अब यह तय किया जा रहा है कि क्या यह जानबूझकर रिकॉर्ड किया गया था या आंतरिक साजिश का हिस्सा है। विभागीय नियमों के तहत, ऐसे मामलों में निलंबन, पदावनति या बर्खास्तगी जैसी सजाएं हो सकती हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.