बाड़मेर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: दो शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त, दुकानें सीज, 67.72 लाख रुपए का बकाया बरामद नहीं होने पर सख्त एक्शन

बाड़मेर आबकारी विभाग ने 67.72 लाख रुपए की बकाया राशि और शराब गारंटी नहीं उठाने के कारण वार्ड-14 और मॉडल शॉप की दो शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दुकानों को सीज कर दिया। दोनों दुकानें नंदिनी बालोटिया के नाम पर थीं। अन्य ठेकेदारों को भी सख्त चेतावनी जारी की गई है।

Dec 11, 2025 - 14:28
बाड़मेर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: दो शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त, दुकानें सीज, 67.72 लाख रुपए का बकाया बरामद नहीं होने पर सख्त एक्शन

बाड़मेर, 11 दिसंबर 2025। राजस्थान के बाड़मेर जिले में आबकारी विभाग ने सरकारी राजस्व को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए सख्ती दिखाई है। विभाग ने नगर परिषद क्षेत्र में संचालित दो प्रमुख शराब दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए और दोनों दुकानों को सील कर दिया। इन दुकानों पर कुल 67 लाख 72 हजार 728 रुपए की राशि बकाया थी, जिसमें न्यूनतम गारंटी शराब नहीं उठाने (शॉर्टफॉल) और वार्षिक लाइसेंस फीस शामिल है।

कौन-सी दुकानें सीज हुईं? आबकारी विभाग ने जिन दो दुकानों पर कार्रवाई की, उनके नाम इस प्रकार हैं:वार्ड नंबर 14, बाड़मेर में स्थित कंपोजिट शराब दुकान। मॉडल शॉप बाड़मेर (प्रमुख स्थान पर स्थित प्रीमियम शराब दुकान)। दोनों दुकानों का लाइसेंस नंदिनी बालोटिया पुत्री अशोक कुमार बालोटिया के नाम पर था। लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने और निर्धारित गारंटीड मात्रा में शराब नहीं उठाने के कारण यह कार्रवाई की गई।

कितना था बकाया? वार्ड नं. 14 की दुकान → 33,64,352 रुपए,   मॉडल शॉप बाड़मेर → 34,08,376 रुपए ,कुल बकाया → 67,72,728 रुपए

क्यों हुई इतनी सख्त कार्रवाई? आबकारी अधिकारियों के अनुसार:लाइसेंसधारक ने लगातार कई महीनों तक निर्धारित न्यूनतम गारंटी कोटा की शराब नहीं उठाई।वार्षिक लाइसेंस फीस और अन्य शुल्क भी समय पर जमा नहीं किए गए।बार-बार नोटिस देने और चेतावनी के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हो रहा था।राजस्थान आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत लाइसेंस निरस्त करना और दुकान सीज करना पूरी तरह वैधानिक और अनिवार्य है।

अन्य शराब ठेकेदारों को खुली चेतावनी इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने जिले के सभी शराब लाइसेंस धारकों को सख्त हिदायत दी है कि:निर्धारित गारंटी कोटा समय पर पूरा करें।लाइसेंस फीस और अन्य शुल्क तय तारीख तक जमा कराएं।कोई भी नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी इसी तरह की लापरवाही पाए जाने पर तुरंत लाइसेंस रद्द और दुकान सीज करने की कार्रवाई होगी। 

आगे की प्रक्रिया दोनों दुकानों का स्टॉक जब्त कर लिया गया है। बकाया राशि की वसूली के लिए राजस्व वसूली प्रमाण-पत्र (RR C) जारी किया जा रहा है। जल्द ही इन दुकानों को पुनः नीलामी के जरिए नए ठेकेदारों को आवंटित किया जाएगा। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.