बाड़मेर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में 120 करोड़ रुपए का गोपाल क्रेडिट कार्ड लोन घोटाला: MD निलंबित, बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर
बाड़मेर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 120 करोड़ से अधिक के लोन में भारी अनियमितता। ओवरड्यू सोसायटियों को करोड़ों बांटे गए, पशुपालकों को 1 लाख के लोन पर 10 हजार कमीशन काटा गया। MD वासुदेव पालीवाल निलंबित, जांच जारी।
राजस्थान के बाड़मेर जिले की केंद्रीय सहकारी बैंक (Central Cooperative Bank, Barmer) में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना” के तहत करीब 120 करोड़ रुपए से अधिक के ऋण वितरण में भयानक घोटाला सामने आया है। नियम-कानून को ताक पर रखकर पहले से ही भारी ओवरड्यू (बकाया) वाली ग्राम सेवा सहकारी समितियों को भी करोड़ों रुपए के लोन बांट दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव प्रह्लाद सहाय नागा ने बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) वासुदेव पालीवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में क्या-क्या सामने आया? उप रजिस्ट्रार (सहकारिता) पाली, जितेंद्र कुमार गोदारा की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं पुष्टि हुई हैं:
ओवरड्यू सोसायटियों को प्राथमिकता; शिव, चौहटन, सेड़वा, धोरीमना जैसी क्षेत्रों की दर्जनों ग्राम सेवा सहकारी समितियां पहले से ही भारी ओवरड्यू चल रही थीं। नियम के मुताबिक ऐसी सोसायटियों को न्यूनतम या कोई नया लोन नहीं दिया जाना चाहिए था, लेकिन इन्हीं सोसायटियों में सबसे ज्यादा लोन बांटे गए।
तीन शाखाओं में 65% से ज्यादा लोन; बाड़मेर-बालोतरा में बैंक की कुल 20 शाखाएं हैं, लेकिन सेड़वा, चौहटन और शिव की सिर्फ तीन शाखाओं में ही 60-65% यानी करीब 70-75 करोड़ रुपए के लोन वितरित कर दिए गए। ये तीनों शाखाएं पहले से अल्पकालिक ऋणों में डिफॉल्टर थीं।
90 हजार नकद, 1 लाख की एंट्री; सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि कई पशुपालकों के खातों में 1 लाख रुपए की एंट्री तो दिखाई गई, लेकिन उन्हें नकद केवल 90 हजार रुपए ही दिए गए। बाकी 10 हजार रुपए प्रति लोन कथित रूप से अधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों में बंट गए। यानी हर लोन पर 10% कमीशन!
टारगेट से कई गुना ज्यादा वितरण; कुछ सोसायटियों को तय टारगेट से कई गुना ज्यादा लोन दे दिए गए, जबकि कई योग्य सोसायटियों के आवेदन तक स्वीकार नहीं किए गए।
कुल आंकड़े; जिले को 20,000 पशुपालकों को लोन देने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक लगभग 12,600 पशुपालकों को 120 करोड़ रुपए से अधिक का लोन बांटा जा चुका है। इसमें बड़े पैमाने पर बंदरबांट की पुष्टि हुई है।
योजना क्या है?“गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना” पशुपालकों के लिए एक साल तक ब्याज मुक्त 1 लाख रुपए तक का अल्पकालिक ऋण देने की राज्य सरकार की योजना है। इसका उद्देश्य डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना और पशुपालकों को आसान कर्ज उपलब्ध कराना है। लेकिन बाड़मेर में यह योजना कुछ अधिकारियों और बिचौलियों की जेब भरने का जरिया बन गई।जनप्रतिनिधियों ने पहले ही चेताया थाबैंक की साधारण सभा की बैठकों में कई बार जनप्रतिनिधियों ने खुलेआम आरोप लगाया था कि “1 लाख के लोन के बदले 10 हजार रुपए कमीशन लिया जा रहा है”। लंबे समय से शिकायतें चल रही थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार ऊपरी स्तर तक मामला पहुंचा तब जाकर MD पर गाज गिरी।
आगे क्या? MD वासुदेव पालीवाल निलंबित, विभागीय जांच शुरू।पूरी 120 करोड़ की लोन फाइलों की गहन जांच जारी।दोषी कर्मचारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों के खिलाफ FIR की संभावना।ओवरड्यू राशि की वसूली और नए लोन पर रोक लगने की चर्चा।