जमीन में दबाकर छिपाया गया 21.100 किलो अवैध डोडा-पोस्त बरामद: बालोतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक तस्कर गिरफ्तार
बालोतरा जिले के बायतु थाने की पुलिस ने सूचना के आधार पर मोराला कोलू निवासी नैनाराम के खेत में पशुबाड़े के पास ताजी खुदाई के निशान देखकर छापेमारी की। जमीन से दबाकर छिपाया गया 21 किलो 100 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई ऑपरेशन विषभंजन के तहत की गई।
बालोतरा जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की सतत कार्रवाई जारी है। हाल ही में बायतु थाना पुलिस ने ऑपरेशन विषभंजन के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जिसमें जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए 21 किलो 100 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त को बरामद किया गया। इस दौरान एक तस्कर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना का विवरण
सूत्रों से पुलिस को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि मोराला कोलू निवासी नैनाराम पुत्र विशनाराम अपने खेत में बने पशुबाड़े के पास डोडा-पोस्त छिपाकर रखे हुए हैं। इस गुप्त सूचना के आधार पर बायतु थाना के थानाधिकारी डॉ. मनोहर विश्नोई के नेतृत्व में डीएसटी इंचार्ज ऐदानराम सहित पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की।
तलाशी के दौरान टीम को पशुबाड़े के निकट ताजी खुदाई के स्पष्ट निशान दिखाई दिए। संदेह होने पर पुलिस ने फावड़े से रेत हटाई, तो गड्ढे में एक काले रंग का प्लास्टिक कट्टा दबा हुआ मिला। इस कट्टे को बाहर निकालकर वजन करने पर उसमें ठीक 21 किलो 100 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त पाया गया।
आरोपी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी नैनाराम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया और उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच अब गिड़ा थानाधिकारी दलपतसिंह कर रहे हैं।
डोडा-पोस्त क्या है?
डोडा-पोस्त अफीम के पौधे (पॉपी प्लांट) के सूखे फल (डोडा) से प्राप्त होने वाला अवैध नशीला पदार्थ है। अफीम निकालने के बाद बचे छिलके को पानी में भिगोकर उसका निर्यास निकाला जाता है, जो नशे के रूप में इस्तेमाल होता है। यह पदार्थ भारत में प्रतिबंधित है और इसका तस्करी व सेवन एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में यह समस्या काफी गंभीर है, जहां पुलिस नियमित रूप से ऐसे ऑपरेशन चला रही है।
पुलिस की मुहिम
बालोतरा पुलिस द्वारा ऑपरेशन विषभंजन के अंतर्गत नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए लगातार छापेमारी, नाकाबंदी और सूचनाओं पर आधारित कार्रवाई की जा रही है। यह सफलता नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे सभी तस्करों पर सख्ती बरती जाएगी।