अजमेर रेलवे स्टेशन पर अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार: मध्यप्रदेश से लाई गईं 5 देसी पिस्टलें और 12 जिंदा कारतूस बरामद
अजमेर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बाड़मेर निवासी नवाब अली (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उसके पास से 4 देसी पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद हुए, जबकि साथ आए नाबालिग से 1 पिस्टल जब्त की गई। ये हथियार मध्यप्रदेश से ट्रेन द्वारा लाए गए थे और जोधपुर की ओर ले जाए जाने की योजना थी। पूछताछ जारी है।
अजमेर (राजस्थान): राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी के प्रयास को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने अजमेर रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर एक वयस्क आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथ मौजूद एक नाबालिग को संरक्षण में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के पास से कुल 5 देसी पिस्टलें (मैगजीन सहित) और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। ये हथियार मध्यप्रदेश से लाए गए थे और आरोपियों का इरादा इन्हें जोधपुर की तरफ ले जाने का था।
घटना का विवरण जीआरपी थाना प्रभारी फूलचंद ने बताया कि एएसआई संजय कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम को एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, मध्यप्रदेश की ओर से दो युवक किसी ट्रेन में सवार होकर अजमेर आ रहे हैं। इनके पास पिस्टल, रिवॉल्वर और जिंदा कारतूस होने की आशंका थी। ये दोनों अजमेर रेलवे स्टेशन पर उतरकर जोधपुर की तरफ जाने वाले थे।इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत अजमेर रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश शुरू की। दौरान तलाशी, स्टेशन के टिम्बर यार्ड क्षेत्र में ट्रेनों की आड़ में दो युवक छिपते हुए नजर आए। पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया।
आरोपी और बरामदगी पकड़े गए व्यक्तियों में एक ने अपना नाम नवाब अली पुत्र दोस्त अली, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम मीठीसर, पुलिस थाना सदर, जिला बाड़मेर (राजस्थान) बताया। उसके कब्जे से पुलिस ने 4 देसी पिस्टलें (मैगजीन सहित) और कुल 12 जिंदा कारतूस बरामद किए।साथ ही, उसके साथ मौजूद एक नाबालिग लड़के के पास से 1 देसी पिस्टल (मैगजीन सहित) जब्त की गई। इस तरह कुल 5 देसी पिस्टलें और 12 कारतूस पुलिस के हाथ लगे।नाबालिग होने के कारण उसे बाल संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षण में भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी नवाब अली को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये हथियार मध्यप्रदेश से कहां से और कैसे लाए गए, इनकी सप्लाई चेन क्या है, और इनका अंतिम मकसद क्या था। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि क्या ये हथियार किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं या स्थानीय स्तर पर तस्करी के लिए थे।जीआरपी प्रभारी फूलचंद ने कहा कि मुखबिर की सूचना और टीम की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। अवैध हथियारों की तस्करी रेलवे मार्ग से अक्सर होती है, इसलिए स्टेशनों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।