अजमेर में 8 साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी: टॉफी के लालच में पड़ोसी ने छत पर ले जाकर किया रेप, रोते हुए मां को बताया पूरा सच
अजमेर में उत्तर प्रदेश से मजदूरी के लिए आए परिवार की 8 साल की मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी युवक ने टॉफी दिलाने के बहाने छत पर ले जाकर अश्लील हरकतें कीं और बलात्कार किया। बच्ची रोते हुए घर लौटी और मां को घटना बताई। मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। परिवार 5 साल से अजमेर में किराए के मकान में रह रहा है। आरोपी ने बच्ची को धमकाया था।
अजमेर, राजस्थान: एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। यहां उत्तर प्रदेश से मजदूरी के लिए आए एक परिवार की 8 साल की नाबालिग बच्ची के साथ पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने क्रूरता की इंहाद की है। आरोपी ने टॉफी दिलाने के बहाने मासूम को बहला-फुसलाकर अपने घर की छत पर ले जाकर पहले अश्लील हरकतें कीं और फिर उसके साथ बलात्कार किया।
घटना के अनुसार, शुक्रवार दोपहर को बच्ची रोते हुए घर लौटी। उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई कि पड़ोसी लड़के ने उसे टॉफी देने के नाम पर छत पर बुलाया था। वहां पहुंचते ही आरोपी ने बच्ची के साथ गंदी हरकतें शुरू कर दीं और बाद में जबरन उसके साथ रेप कर दिया। वारदात के दौरान और बाद में आरोपी ने बच्ची को बुरी तरह धमकाया कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसे छोड़ नहीं दिया जाएगा। डर के मारे बच्ची चुप रही, लेकिन घर लौटकर रोते-रोते अपनी मां को सब कुछ बता दिया।
पीड़िता की मां ने तुरंत पति को सूचना दी और फिर दोनों ने मिलकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बच्ची के बयान पर आधारित FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी के अनुसार, आरोपी पड़ोसी युवक है और उसका घर पीड़िता के घर से महज कुछ ही दूरी पर है, जिससे इलाके में लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गया है।
परिवार की पृष्ठभूमि काफी दयनीय है। पीड़ित बच्ची के माता-पिता करीब 5 साल पहले उत्तर प्रदेश से रोजगार की तलाश में अजमेर आए थे। यहां वे किराए के मकान में रहते हैं और मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाते हैं। इस घटना ने उनके जैसे गरीब और असहाय परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ती जा रही हैं, जहां निर्दोष बच्चियां लालच या बहकावे में फंसकर शिकार बन जाती हैं। ऐसे मामलों में समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।