ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर गोंद बेचने वाली मां-बेटी को लाठियों से पीटा: बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल, पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया
राजस्थान के पाली जिले के सोजत क्षेत्र के सिंचायावास गांव में बच्चा चोरी की अफवाह पर ग्रामीणों ने गोंद बेचने आईं मां-बेटी को बच्चा चोर समझकर लाठियों से बेरहमी से पीट दिया। बुजुर्ग मां के सिर में गंभीर चोट आई, उन्हें पाली के अस्पताल में भर्ती किया गया। महिलाओं ने आधार कार्ड दिखाकर सफाई दी, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। बगड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जांच जारी है। यह घटना अफवाहों से उपजी मॉब हिंसा का एक और उदाहरण है।
सोजत (पाली), राजस्थान: एक बार फिर बच्चा चोरी की अफवाह ने निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डाल दी। सोजत क्षेत्र के सिंचायावास गांव में गोंद बेचने आईं एक मां और उसकी बेटी को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर क्रूरता से पीट दिया। इस हमले में बुजुर्ग मां को सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि बेटी भी घायल हुई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
घटना का पूरा विवरण
यह दर्दनाक घटना बगड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के सिंचायावास गांव में हुई। सोजत के मोड भट्टा इलाके में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला अपनी बेटी (जो बालिका उम्र की बताई जा रही है) के साथ फुलाद गांव में रह रही थी। सोमवार को दोनों महिलाएं अपना गुजारा चलाने के लिए गोंद बेचने सिंचायावास गांव पहुंचीं। वहां मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत काम कर रहे ग्रामीणों ने उन्हें देखते ही बच्चा चोर समझ लिया।
मां-बेटी ने बार-बार सफाई दी और अपना आधार कार्ड भी दिखाया, ताकि अपनी पहचान साबित कर सकें। लेकिन ग्रामीणों ने किसी भी सबूत पर ध्यान नहीं दिया। उल्टे उन्होंने दोनों को घेर लिया और उन पर लाठियों से हमला बोल दिया। खासकर दो महिलाओं ने बुजुर्ग मां और उसकी बेटी पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं। बुजुर्ग महिला हाथ जोड़कर बार-बार माफी मांगती रहीं और छोड़ देने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन हमलावरों का क्रोध नहीं थमा। वे लगातार सिर और शरीर पर वार करती रहीं।
बड़ी मुश्किल से दोनों महिलाएं वहां से भाग निकल पाईं। हमले में बुजुर्ग महिला के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी हालत नाजुक हो गई। उन्हें तुरंत पाली के बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज जारी है। बेटी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वह भी सदमे में है।
पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बगड़ी पुलिस ने सक्रियता दिखाई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और पूछताछ के बाद आगे की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों का खतरनाक चेहरा
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सोशल मीडिया और मौखिक अफवाहें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में बच्चा चोरी की फेक खबरें तेजी से फैलती हैं, जिसके चलते निर्दोष लोग मॉब लिंचिंग का शिकार हो जाते हैं। इस मामले में भी बिना किसी पुख्ता सबूत के निर्दोष मां-बेटी को जान से मारने की कोशिश की गई।