राजस्थान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा का कोटा दौरा: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, पुलिसकर्मियों को निष्पक्ष और निडर रहने के निर्देश
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कोटा दौरे के दौरान पुलिस लाइन का निरीक्षण किया, नई लाइब्रेरी और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से निष्पक्ष, निडर और सख्ती से काम करने को कहा, साथ ही चाकूबाजी, साइबर क्राइम, नशा और महिला सुरक्षा पर चल रहे अभियानों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
कोटा। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने हाल ही में कोटा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन का विस्तृत निरीक्षण किया और कानून-व्यवस्था, पुलिस कल्याण तथा जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन समीक्षा की। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) हवा सिंह घुमरिया भी मौजूद रहे। डीजीपी का यह दौरा पुलिस बल को मजबूत बनाने और आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
दौरे की शुरुआत पुलिस लाइन परिसर से हुई, जहां डीजीपी शर्मा ने विकसित किए गए गार्डन, ओपन जिम और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध संसाधनों की सराहना की और आगे सुधार के सुझाव दिए। इस अवसर पर प्रतिभाशाली पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बच्चों को सम्मानित किया गया, जिससे पुलिस परिवारों में उत्साह का माहौल बना। डीजीपी ने पुलिस परिवारों से सीधा संवाद स्थापित किया और क्वार्टरों की साफ-सफाई तथा मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, बिजली और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
कोटा को शिक्षा की नगरी बताते हुए डीजीपी शर्मा ने यहां तैनात पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस परिवारों का कल्याण राज्य पुलिस की प्राथमिकता है, क्योंकि मजबूत परिवार ही मजबूत पुलिस बल का आधार बनाते हैं।
इसके बाद डीजीपी ने पुलिस लाइन में नवनिर्मित लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। यह लाइब्रेरी पुलिसकर्मियों के ज्ञानवर्धन और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिलों की संयुक्त प्रदर्शनी का लोकार्पण किया गया। इस प्रदर्शनी में कोटा पुलिस द्वारा सुलझाए गए विभिन्न मामलों, अपराधों की प्रकृति, की गई कार्रवाइयों को विस्तार से दर्शाया गया था। नए आपराधिक कानूनों (बीएनएस) पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिससे पुलिसकर्मी नए प्रावधानों से परिचित हो सकें।प्रदर्शनी में अलग-अलग पुलिस अधीक्षकों (एसपी) द्वारा मादक पदार्थ तस्करी, साइबर क्राइम और जनसमस्याओं से जुड़े स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉल्स का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का प्रभावी और त्वरित समाधान करना था। एक स्टॉल पर साइबर अपराध अलर्ट करने वाली सामाजिक संस्था ने स्कूली बच्चों को साइबर अपराधों की रोकथाम के बारे में जागरूक किया और जानकारी प्रदान की।
दौरे के दौरान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए सख्त लहजे में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे निष्पक्ष, निडर और सख्ती से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि अपराधियों में भय पैदा हो और उन्हें पनपने का मौका न मिले।चाकूबाजी और नाबालिगों से जुड़ी अपराध की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए डीजीपी ने कहा कि सभी मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी अपराध में नाबालिगों का इस्तेमाल हुआ तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों को और तेज करने के निर्देश दिए गए। सरकार के स्तर पर इन क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की यह यात्रा राजस्थान पुलिस के लिए प्रेरणादायी रही। उनके निर्देशों से पुलिस बल में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और आमजन में विश्वास बढ़ा है कि पुलिस अब अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसेवी बन रही है।